वाराणसी के नेहिया गांव में भगवा और नीले झंडे लगाने के विवाद में जमकर बवाल हुआ। शुक्रवार को बवाल ने हिंसक रूप ले लिया। पत्थरबाजी में ACP विदुष सक्सेना, इंस्पेक्टर, दरोगा समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठी पटककर उपद्रवियों को खदेड़ा। गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय की तहरीर पर 11 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। अब आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। शनिवार सुबह भी पीएसी के साथ 5 थानों की पुलिस फोर्स तैनात है। नहिया की दलित बस्तियों में बूटों की धमक गूंज रही है। गांव में सन्नाटा पसरा है। गिरफ्तारी के डर से नहिया गांव में दलित बस्ती के ज्यादातर युवक घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस ने गांव के गेट पर सीसीटीवी लगवा दिया है। जबकि 6 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बवाल से जुडी देखिये पांच तस्वीरें… पहले जानिए पूरा विवाद क्या था गांव के गेट पर झंडा लगाने के बाद शुरू हुआ विवाद वाराणसी मुख्यालय से 30km दूर बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर नहिया गांव में प्रवेश करने के लिए गेट बनाया गया है। प्रवेश द्वार पर ‘बाबा बटुक भैरव धाम’ लिखा हुआ है। वहीं गांव में हाईवे से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर संत रविदास मंदिर है। जबकि हाईवे से करीब करीब 800 मीटर दूरी पर बाबा बटुक भैरव का मंदिर है। हिंदू संगठनों का दावा है कि गांव के प्रवेश गेट पर जब से निर्माण हुआ है तब से रामनवमी पर भगवा झंडा लगाया जाता रहा है। इस साल भी झंडा लगा था लेकिन 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती के जुलूस के दौरान किसी ने उसे हटाकर वहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का झंडा लगा दिया। 15 अप्रैल को तोड़ा अंबेडकर का झंडा और पोस्टर फाड़ा आरोप है कि 15 अप्रैल को इसकी सूचना मिलने के बाद शाम या रात के समय हिंदू धर्म संगठन के लोगों ने उस झंडे को तोड़कर हटा दिया। अगले दिन यानी 16 अप्रैल को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में दलित समुदाय के लोग पहुंच गए। उसके बाद लोग नारेबाजी करने लगे। दलित समुदाय के लोगों ने कहा- जब गेट पर एक विशेष झंडा लग सकता है, तो संत रविदास और बाबा साहेब का झंडा क्यों नहीं? वहीं दूसरा पक्ष इसे मंदिर का प्रवेश द्वार बताकर अपनी पुरानी परंपरा पर अड़ा रहा। इसी बात को लेकर तनाव हुआ और गुरुवार यानी 16 अप्रैल को डेढ़ घंटे हाईवे जाम रहा। गांव के लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि अगर पुलिस और प्रशासन ने शुरुआत में ही इस बात को गंभीरता से लिया होता तो शायद आज हालात इतने खराब नहीं होते। बाहरी लोगों ने सुलगाई नफरत की आग गांव के लोगों का कहना है कि यह झगड़ा असल में गांव वालों का था ही नहीं। इसे बाहरी लोगों और सोशल मीडिया की पोस्ट ने बड़ा बना दिया। हिंदू संगठनों और कुछ पार्टी विशेष से जुड़े लोगों ने इंटरनेट पर वीडियो डालकर भीड़ जुटाना शुरू कर दिया। इसी के चलते शुक्रवार को काफी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। पुलिस को लगा था कि बातचीत से मामला सुलझ जाएगा लेकिन शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को दोपहर में भीड़ बेकाबू हो गई। जब पुलिस ने लोगों को वापस जाने को कहा तो अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। पत्थरबाजी में एसीपी विदुष सक्सेना, चोलापुर इंस्पेक्टर सधुवन राम गौतम, चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय, हेड कॉन्स्टेबल जगजीवन राम, कॉन्स्टेबल आदित्य कुमार, ड्राइवर हेड कॉन्स्टेबल मो. शकील अहमद, पीएसी के हेड कॉन्स्टेबल हरेंद्र राय घायल हो गए। पुलिस को अंत में लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। अब पढ़िए गोसाईगंज चौकी प्रभारी ने जो तहरीर दी गोसाईगंज चौकी प्रभारी विपिन पांडेय ने 11 नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज कराई। उन्होंने बताया- नेहिया गांव के मुख्य गेट पर रामनवमी के दिन भगवा झंडा लगाया गया था। अंबेडकर जयंती पर भीम आर्मी के लोगों ने भगवा झंडा हटाकर नीला झंडा लगा दिया था। पुलिस ने पहुंचकर सभी झंडे हटवा दिए थे। शुक्रवार को फिर भगवा झंडे लगे थे जिसे लेकर भीम आर्मी के लोग बवाल करने लगे। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझने का प्रयास किया तो वो उग्र हो गए। इसी बीच हिंदू धर्म संगठन के लोग भी पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी के दौरान पुलिस टीम की ओर से दोनों पक्षों को हटाया जा रहा था। इस दौरान पुलिस ने दलित समुदाय के लोगों को गेट के अंदर करना चाहा तो उधर से पथराव शुरू हो गया और इसमें एसीपी विदुष सक्सेना को भी चोट लगी। इसके बाद पुलिस को सभी को खदेड़ने के लिए लाठी भाजनी पड़ी। 11 नामजद सहित 60 पर मुकदमा दर्ज औरा गांव निवासी अजीत कुमार, सिंधौरा निवासी प्रदीप कुमार, भोपापुर निवासी राजकुमार, हनुमान, नेहिया निवासी निखिलकुमार , साजन, राजन, संजीत, सूखा, सगीना और अमरजीत शामिल हैं। वहीं 50 अज्ञात महिला एवं पुरुष के ऊपर हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और दंगा करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। DCP वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया- माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर अराजकतत्वों की पहचान कराई जा रही है। नेहिया गांव में एहतियातन फोर्स तेनात है। ————————
ये खबर भी पढ़ें
पराए मर्द के वीर्य से बच्चा पैदा कर रहीं लड़कियां:कुंआरी और गोरी की कीमत ज्यादा, यूपी में खुफिया कैमरे पर कोख की सौदेबाजी इसे देखिए, ये लड़की पहले भी कोख बेचकर बच्चा दे चुकी है, पतली-दुबली है, तब इसने 10 लाख रुपए लिए थे, अब 15 लाख मांग रही है, हमारा बड़ा नेटवर्क है, लखनऊ में ही 10 सेंटर हैं, जहां पराए मर्द का वीर्य लेकर लड़कियों से बच्चा पैदा कराते हैं, 10 महिलाएं मेरे पास हैं।’ पढ़ें पूरी खबर