महेंद्रगढ़ जिले में एक गोल्ड लोन बैंक के कर्मचारी का शव बुचावास रेलवे स्टेशन के पास मिला है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि 34 वर्षीय दिनेश का अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं विरोध में थाने के बाहर ग्रामीण और परिजन धरने पर बैठ गए। गांव गुढा निवासी नीतू कुमारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका भाई दिनेश महेंद्रगढ़ के एक गोल्ड लोन बैंक में कार्यरत था। 15 अप्रैल को वह सुबह 9 बजे बैंक गया था। परिजनों के पूछने पर बैंक मैनेजर ने बताया कि दिनेश सुबह 10:30 बजे बैंक से चला गया था। किसी ने फोन कर धमकाया नीतू के अनुसार, 15 अप्रैल को शाम 4 बजकर 49 मिनट पर दिनेश के मोबाइल नंबर से घर पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि “तेरा बेटा मेरी पत्नी से बातचीत करता है।” नीतू ने फोन उठाया और कहा कि वे अपने भाई को समझा देंगे कि वह आगे से ऐसी कोई बात नहीं करेगा। दिनेश के रोने की आवाज आ रही थी फोन करने वाले ने खुद को बबीता का पति बताते हुए धमकी दी, “हम तुम्हारे बेटे व भाई के हाथ-पैर तोड़कर छोड़ दें या जान से खत्म कर दें।” नीतू ने उनसे माफी मांगी और अपने भाई को छोड़ने की गुहार लगाई। इसी दौरान फोन पर दिनेश के रोने की आवाजें आ रही थीं, और कुछ लोग उसे “जान से मार दो” कहते हुए सुनाई दे रहे थे। दिनेश भी “मुझे मत मारो, मुझे छोड़ दो” कह रहा था। बहन की शिकायत पर मामला दर्ज परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने मिलकर दिनेश को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में उसका शव बुचावास रेलवे स्टेशन के पास एक स्कूटी के साथ मिला। पुलिस ने नीतू कुमारी की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। थाने के बाहर दिया धरना वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों एवं परिजनों ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि दिनेश के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक एसपी स्वयं आकर उनको आश्वासन नहीं देगा, वे धरने से नहीं उठेंगे।