यूपी के 38 जिलों में बारिश का अलर्ट:आंधी के साथ ओले भी गिरेंगे, बांदा सबसे गर्म; पारा 41.6°C

यूपी के 38 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। 12 मई से इसका असर शुरू होगा। इस दौरान आंधी-बारिश हो सकती है। ओले भी गिर सकते हैं। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। बारिश न होने से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जिससे सोमवार को कई शहरों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बांदा सबसे गर्म शहर रहा। यहां 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार से अगले तीन-चार दिनों तक यूपी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। विशेष रूप से तराई क्षेत्रों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस दौरान रुक-रुक कर हल्की बारिश होने के आसार हैं। सोमवार की तस्वीरें देखिए- यूपी के 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, झांसी, ललितपुर।
मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा?
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश हो रही है। किसी-किसी दिन धूप के साथ मौसम साफ हो जा रहा है। अगले कुछ दिन ऐसे ही उतार-चढ़ाव के आसार हैं। इसका असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं। अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम? 12 मई: पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाए रहेंगे। बारिश होगी। 50 की रफ्तार से आंधी चलेगी। 13 मई: पूरे प्रदेश में बादए छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आंधी चलेगी। 14 मई: तेज हवा के साथ पूरे प्रदेश में बारिश होगी। कहीं-कहीं ओले और बिजली भी गिर सकती है। इस साल मानसून में कम बारिश का अनुमान
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मानसून में बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिमी. है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं। सवाल- लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है। गर्मी से कैसे बचें, ग्राफिक से समझिए यूपी में भी मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए ————————

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