यूपी में पिछले 48 घंटों में आंधी-तूफान और बारिश से तापमान 10-12°C तक गिर गया है, जबकि औसतन 2.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 2-3 दिन बारिश कम रहने से तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन 4- 5 मई को फिर बारिश के साथ गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। बीते 36 घंटे में आंधी-बारिश से 17 लोगों की मौत हुई। सुल्तानपुर में सबसे ज्यादा 7, अयोध्या-अमेठी, हाथरस में 2-2 और आगरा, प्रयागराज-गाजीपुर में 1-1 की जान गई। बांदा अब भी सबसे गर्म शहर बना हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 45.8°C रिकॉर्ड किया गया। गुरुवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। हाथरस में तेज आंधी में दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई। गाजियाबाद, नोएडा, ललितपुर, आगरा और मथुरा में जमकर ओले गिरे। झांसी और बरेली में तेज बारिश से जलभराव हो गया। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। वहीं बुधवार को प्रयागराज-वाराणसी समेत 38 जिलों में आंधी-बारिश हुई। लखनऊ, बाराबंकी समेत 10 जिलों में ओले गिरे। प्रदेश में जगह-जगह पेड़, बिजली के खंभे उखड़ गए। कई कच्चे मकान ढह गए। लखनऊ में आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास बने चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से पूरे प्रदेश में माैसम बदल गया है। बारिश का सिलसिला मई के पहले हफ्ते में जारी रहेगा। गर्मी से राहत मिलेगी। आंधी-तूफान के हालात बनेंगे। बिजली और ओले भी गिर सकते हैं। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? अब मौसम की तस्वीरें देखिए- बारिश-ओलावृष्टि से प्रभावितों को जल्द मिले मुआवजा
यूपी में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहत देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि जनहानि, पशुहानि, घायलों और आपदा से प्रभावित सभी लोगों व किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। सीएम ने राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त सर्वे कर फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करें और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द राहत राशि जारी की जाए। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। मेघगर्जन/वज्रपात होने वाले जिले
प्रयागराज्ज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गौडा, बलरामपुर, आवस्ती, बहराइच, सीतापुर, हरदोई फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामती, मुजफ्फरनगर बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आस पास के क्षेत्र। कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार
इसके दृष्टिगत प्रदेश में कुछ स्थानों पर दोपहर में लू चलने के साथ कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार हैं। प्रदेश में मेघगर्जन के साथ वर्षा का नया दौर शुरू होने से 28 अप्रैल से तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है जिससे लू की स्थितियों में सुधार की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से छिटपुट वर्षा का दौर शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के आसार हैं। इस साल की बारिश पर अलनीनो का साया
इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल के जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मॉनसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए- जून तक कैसा रहेगा मौसम? समझिए-
गर्मी और लू से बचने के लिए अपनाइए ये टिप्स…