उत्तर प्रदेश में मंगलवार से मौसम में बदलाव महसूस किया गया। विक्षोभ के असर से यूपी के कुछ पश्चिमी और बुंदेलखंड के जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में लू के प्रकोप से निजात मिली और लोगों को तपिश से राहत मिली। मंगलवार को बांदा लगातार दूसरे दिन देश भर में सबसे गर्म और अप्रैल माह में छठवीं बार प्रदेश में सर्वाधिक गर्म दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने बताया कि बीते 27 अप्रैल को बांदा 47.6 डिग्री के साथ देश ही नहीं पूरे विश्व में सर्वाधिक गर्म रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- पश्चिमी विक्षोभ के असर से बुधवार को पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में गरज चमक और हल्की बूंदाबांदी के संकेत हैं। इसके असर से अगले दस दिन तक प्रदेश में जारी भीषण तपिश से निजात मिलेगी। इन जिलों गरम हवा चलेगी
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनाैर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर,संभल, बदांयू व आस पास के क्षेत्र। सबसे पहले बांदा की 3 तस्वीरें देखिए- झोंकेदार हवा (गति 40-50 किमी/घंटा) की आशंका
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर व आस पास के क्षेत्र। अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार
इसके दृष्टिगत प्रदेश में कुछ स्थानों पर दोपहर में लू चलने के साथ कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार हैं। प्रदेश में मेघगर्जन के साथ वर्षा का नया दौर शुरू होने से 28 अप्रैल से तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है जिससे लू की स्थितियों में सुधार की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से छिटपुट वर्षा का दौर शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के आसार हैं। इस साल की बारिश पर अलनीनो का साया
इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल के जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मॉनसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए- जून तक कैसा रहेगा मौसम? समझिए- गर्मी और लू से बचने के लिए अपनाइए ये टिप्स…
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