यूपी में गुरुवार रात 9 पीसीएस अफसरों के तबादले हुए। कानपुर नगर निगम की अपर नगर आयुक्त अमृता सिंह को 15 दिन के भीतर हटा दिया गया है। उन्हें अमेठी का एडीएम (न्यायिक) बनाया गया है। 14 मई को ही अमृता सिंह को रायबरेली से कानपुर भेजा गया था। बताया जा रहा है कि अमृता खुद रायबरेली के आसपास जॉइनिंग चाहती थीं। अमेठी जिला रायबरेली से सटा हुआ है। कानपुर में अमृता सिंह की पोस्ट संभालने के लिए वाराणसी नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार को भेजा गया है। 15 मई को अनूप कुमार बनारस भेजे गए थे। इस तरह 15 दिन में अमृता सिंह और अनूप के दो बार ट्रांसफर हुए। नगर मजिस्ट्रेट प्रयागराज विनोद कुमार सिंह को मिर्जापुर का एडीएम वित्त एवं राजस्व बनाया गया है। मुरादाबाद के एसडीएम विनय कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट प्रयागराज की जिम्मेदारी दी गई है। यूपी सहकारी चीनी मिल संघ के प्रधान प्रबंधक गुलशन को मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया बनाया गया है। बलिया के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (अंडर ट्रांसफर) सुरेश कुमार पाल को उप निदेशक, बाल विकास और पुष्टाहार निदेशालय लखनऊ भेजा गया है। भदोही की उप जिलाधिकारी बरखा सिंह को यूपी सहकारी चीनी मिल संघ का प्रधान प्रबंधक बनाया गया है। इसके अलावा वेटिंग में चल रहे अविनाश कुमार गौतम को एसडीएम आजमगढ़ और अभिषेक वर्मा को एसडीएम फर्रुखाबाद की जिम्मेदारी दी गई है। ट्रांसफर लिस्ट देखिए… अभी और आएंगी ट्रांसफर लिस्ट यूपी में अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफर नई तबादला नीति के तहत किए जा रहे हैं। ज्यादातर विभागों में तबादले की लिस्ट 28 से 31 मई तक जारी की जाएगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मई 2026 के पहले हफ्ते में हुई कैबिनेट बैठक के बाद नई तबादला नीति को लेकर सरकार का आधिकारिक पक्ष रखा था। वित्त मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है, इसके तहत इस साल ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार भी ट्रांसफर पर अधिकतम सीमा तय रहेगी। ———— यह खबर भी पढ़िए:- यूपी के सरकारी शिक्षक अब 100 क्विंटल भूसा जुटाएंगे:बरेली में BSA ने जारी किया आदेश; टीचर बोले- कल गोबर भी उठवाएंगे बरेली में बेसिक शिक्षा विभाग के एक नए आदेश से शिक्षकों में गुस्सा है। वर्तमान में जनगणना का काम कर रहे शिक्षक अब बेसहारा गोवंश के लिए भरण-पोषण के लिए भूसे का इंतजाम करेंगे। हर स्कूल को 46 किलो और हर खंड को कुल 100 क्विंटल भूसा जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। भूसा खंड विकास अधिकारी या पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा कराना होगा। पढ़ें पूरी खबर…