रोहतक जिले की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी की 22 एकड़ जमीन पर जिला प्रशासन द्वारा की गई अवैध कार्रवाई पर छात्र नेता डॉ. प्रदीप देशवाल ने रोष प्रकट किया। साथ ही मामले को CJI के संज्ञान में लाने व प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा करने की जिला प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी। छात्र नेता डॉ. प्रदीप देशवाल ने बताया कि जिला प्रशासन के लोग भारी मशीनों और जेसीबी के साथ बिना किसी पूर्व सूचना या यूनिवर्सिटी प्रशासन की लिखित अनुमति के कैंपस पहुंचे और चारदीवारी का एक हिस्सा तोड़कर जबरन अंदर घुस गए। प्रशासन ने वहां अवैध रूप से निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी और शिक्षा के मंदिर पर सीधा हमला है। गोशाला के नाम पर जमीन कब्जाने का प्रयास डॉ. प्रदीप देशवाल ने कहा कि यह वही जमीन है, जिसे कुछ साल पहले गोशाला के नाम पर कब्जाने की साजिश रची गई थी। उस समय भी छात्र शक्ति ने लाठियां खाई, मुकदमें झेले और कैंपस में प्रवेश पर प्रतिबंध तक सहा, लेकिन अपनी जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया। इतिहास गवाह है कि लंबी कानूनी और जमीनी लड़ाई के बाद उस समय के अवैध कब्जे को उखाड़ फेंका गया। एमडीयू प्रशासन पर सरकार का दबाव डॉ. देशवाल ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एमडीयू प्रशासन पूरी तरह से सरकार के दबाव में है और अपनी ही आंखों के सामने यूनिवर्सिटी की संपत्ति पर हो रहे अतिक्रमण को मूकदर्शक बनकर देख रहा है। वीसी और रजिस्ट्रार की यह चुप्पी छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है। प्रदेश स्तर पर करेंगे आंदोलन डॉ. प्रदीप देशवाल ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे यूनिवर्सिटी की एक इंच जमीन भी नहीं छीनने देंगे। अवैध निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए और प्रशासन अपनी मशीनें बाहर निकाले। यदि प्रशासन ने अपनी हठधर्मी नहीं छोड़ी, तो वे मामले में छात्र शक्ति के दम पर एक बड़ा राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।