लुधियाना के दर्जन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा:अवैध माइनिंग से ग्रामीण परेशान, 11 पंचायतों के सरपंच DC दफ्तर पहुंचे; आंदोलन की चेतावनी

लुधियाना के हलका साहनेवाल के तहत आते गांव बूंट में हो रही अवैध माइनिंग को लेकर आज (6 मई) भारी संख्या में ग्रामीण और 11 पंचायतों के सरपंच डीसी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने मशीनों से दरिया में 100-100 फीट गहरे गड्ढे करने और नियमों की धज्जियां उड़ाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि एक निजी कंपनी द्वारा दरिया के भीतर प्रतिबंधित पोकलेन मशीनों से दिन-रात खुदाई की जा रही है। सरपंचों का कहना है कि सरकार ने पोकलेन मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई हुई है, फिर भी काम चल रहा है। खुदाई की वजह से दरिया के बांध को भारी नुकसान पहुंच रहा है। ससरेली कॉलोनी के पास 500 मीटर के दायरे में खुदाई हो रही है, जिससे इस बार मानसूनी बारिश में पूरे इलाके के डूबने का खतरा है। पिछली बार भी ससरेली कॉलोनी के पास से बांध टूट गए थे, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ था। प्रशासन अब भी नहीं जागा तो फिर तबाही दोहराई जाएगी। 11 पंचायतों के सरपंचों ने एकजुट होकर उठाई आवाज इस विरोध प्रदर्शन में गांव चूहड़वाल, सुजातवाल, मांगट, सत्तोवाल, ढेरी, साधू सिंह नगर, सीड़ा, बाजड़ा, अनेजा कॉलोनी, मेहरबान और वरीरा के सरपंच शामिल हुए। पंचायतों का आरोप है कि जब उन्होंने खुद मौके पर जाकर काम रोकने की कोशिश की, तो कंपनी के अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। 7 दिन का अल्टीमेटम: समाधान नहीं हुआ तो पक्का धरना मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि इस पर तुरंत जांच बैठाकर कार्रवाई की जाएगी। डीसी की ओर से 7 दिन का आश्वासन दिया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के भीतर अवैध माइनिंग बंद नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) नहीं की गई, तो सभी गांवों के लोग एकजुट होकर जिला प्रशासन के खिलाफ पक्का धरना शुरू करेंगे।

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