लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर हाईकोर्ट में सुनवाई:अदालत ने कहा- शीर्षक छोड़ कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं, दोपहर ढाई बजे कंपनी देगी जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आज लॉरेंस आफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री को लेकर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि उसने डॉक्यूमेंट्री देख ली है और शीर्षक को छोड़कर उसमें ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली, जिस पर गंभीर आपत्ति की जाए। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने दलील रखी डॉक्यूमेंट्री के नाम से सिर्फ “लॉरेंस” ही नहीं, बल्कि “पंजाब” शब्द भी हटाया जाना चाहिए। वहीं, अदालत ने डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली कंपनी को कहा कि नए शीर्षक को लेकर वह दोपहर ढाई बजे के बाद अदालत में जवाब दाखिल करेगी। अब 4 प्वाइंटों में जानिए कैसे अदालत में सुनवाई चली 1. जैसे ही सोमवार को सुनवाई शुरू हुई, हाईकोर्ट के जज ने कहा कि उन्होंने पूरी डॉक्यूमेंट्री देख ली है और इसमें उन्हें कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं लगी। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि फिल्म से लॉरेंस बिश्नोई का नाम हटा दिया जाए, तो बाकी सामग्री अखबारों की कटिंग और सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। अदालत ने कहा कि यदि जी एंटरटेनमेंट फिल्म के शीर्षक से लॉरेंस का नाम हटाने को तैयार है, तो इस पर विचार किया जा सकता है। 2. सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जनरल भी अदालत में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अगर फिल्म से लॉरेंस का नाम हटाया जाता है तो “पंजाब” शब्द भी हटाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे राज्य की छवि खराब होती है। 3. इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई की ओर से भी वकील अदालत में पेश हुए। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री के कारण उनके मुवक्किल की छवि खराब हो रही है और कई मामले अभी अदालतों में लंबित हैं, जिन पर इसका असर पड़ सकता है। इस पर हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि “आप खुद इंटरव्यू दे रहे हैं, फिर अब आपत्ति क्यों उठा रहे हैं? फिल्म में दिखाई गई सामग्री पहले से सार्वजनिक डोमेन में मौजूद है।” 4. सुनवाई के दौरान जी एंटरटेनमेंट की ओर से कहा गया कि कंपनी फिल्म का नाम बदलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए थोड़ा समय चाहिए। इस पर हाई कोर्ट ने कंपनी को दोपहर ढाई बजे तक नया नाम बताने को कहा

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