हरियाणा के जुलाना की नई अनाज मंडी में वेयरहाउस खरीद एजेंसी पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए आढ़तियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक मंडी में गेहूं की खरीद और उठान का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। वजन में भारी गड़बड़ी का आरोप एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने बताया कि वेयरहाउस एजेंसी द्वारा की जा रही गेहूं की खरीद में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आढ़तियों को संदेह होने पर जब उन्होंने वेयरहाउस के कांटों के बजाय पांच अन्य मान्यता प्राप्त कांटों पर गाड़ियों का वजन करवाया, तो सच सामने आया। जांच में पाया गया कि प्रत्येक गाड़ी में 85 से 90 किलोग्राम तक वजन कम निकल रहा है। करोड़ों के नुकसान का दावा आढ़तियों के गणित के अनुसार, एक गाड़ी में औसतन 800 बैग होते हैं और इस वजन की हेराफेरी से हर गाड़ी पर लगभग 3,000 रुपये का नुकसान हो रहा है। मंडी में इस सीजन में अब तक वेयरहाउस एजेंसी 10 लाख बैग खरीद चुकी है और 6 लाख बैग का उठान हो चुका है। आढ़तियों का कहना है कि यह छोटी सी दिखने वाली गड़बड़ी अब करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले का रूप ले चुकी है। आढ़तियों की मुख्य मांगें बैठक में आढ़तियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक: इस पूरे घोटाले की किसी उच्चस्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच न हो। संबंधित खरीद इंस्पेक्टर को तुरंत पद से हटाया न जाए। नुकसान की भरपाई सुनिश्चित न की जाए। मंडी गेट पर ताला लगाने का फैसला प्रशासनिक रवैये से नाराज आढ़तियों ने एकजुट होकर मंडी के मुख्य गेट पर ताला लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों और आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मंडी बंद होने से आने वाले दिनों में गेहूं की आवक और उठान पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।