समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर प्रखंड स्थित गुरुकुल आश्रम रघुवर धाम में रविवार को निदेशक मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में आश्रम के शैक्षणिक, भौतिक और प्रशासनिक विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। निदेशक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आश्रम की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में छात्रों की घटती संख्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सदस्यों ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आश्रम में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य अभिभावकों को गुरुकुल शिक्षा पद्धति के महत्व से अवगत कराकर अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है। आश्रम परिसर के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। खेल मैदान में जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए मिट्टी भराई और उचित जल निकासी की व्यवस्था करने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, खराब पड़े हैंडपंप को तुरंत ठीक कराने का निर्णय लिया गया, ताकि छात्रों और आश्रमवासियों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। आश्रम तक पहुंचने वाले रास्ते की जर्जर स्थिति पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने बताया कि खराब पहुंच पथ के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर जल्द सड़क निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। निदेशक मंडल के सदस्यों ने आश्रम में विधि-व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आश्रम का संचालन अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए, ताकि गुरुकुल आश्रम रघुवर धाम भविष्य में अपनी एक अलग पहचान बना सके। बैठक में निदेशक मंडल सचिव सुरेश कुमार सिंह, सदस्य राकेश कुमार सिंह (राजेश जी), रामनाथ सिंह, पवन कुमार सिंह, संजय कुमार, मदन प्रसाद सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य सदस्य उपस्थित थे।