भास्कर न्यूज| पानीपत श्री सनातन धर्म शिव मंदिर सेक्टर-12 में 26वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रविवार से श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत हुई।मंदिर परिसर से कलश यात्री निकाली। 100 से ज्यादा महिलाएं सिर पर कलश लेकर निकाली। शाम में पंडित राम प्रकाश पाठक ने गणेश पूजन कराया। जयराम आश्रम बेरी धाम से कथावाचक आचार्य अजय सती ने श्रीमद् भागवत कथा का महात्म्य बताया। वहीं, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज व स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज भी पहुंचे। महिला मंडली ने संकीर्तन किया। कथा वाचक आचार्य अजय सती ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी भागवत होती है। इसे कलयुग में मोक्ष का साधन और साक्षात श्री कृष्ण का साहित्यक अवतार माना जाता है, जो सात दिनों (सप्ताह) में आत्मा को शुद्ध कर भगवान से जोड़ती है। यह कथा, जो सभी वेदों का सार है, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य जगाकर मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करती है। आचार्य ने कहा कि समय-समय पर भगवान को भी अपने भक्त की भक्ति के आगे झुककर सहायता के लिए आना पड़ा है। जब तक हम किसी चीज के महत्व को नहीं जानते, तब तक उसके प्रति मन में श्रद्धा नहीं जगती। उन्होंने कहा कि जब तक भक्तों का मन पवित्र नहीं होगा। तब तक भागवत कथा श्रवण का लाभ नहीं मिल सकता। मौके पर श्री सनातन धर्म शिव मंदिर सभा के प्रधान विनोद गुप्ता, वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश मित्तल, सचिव आत्म प्रकाश सतीजा, कोषाध्यक्ष मदन बिंदल, नरेश गोयल, राकेश गुप्ता, मौसी किरण मौजूद रही। पानीपत. श्रीमद् भागवत कथा से पहले महिलाओं ने कलश यात्रा निकली।