श्री फतेहगढ़ साहिब के भटेड़ी में हुए सड़क हादसे में 8 लोगों की जान चली गई। सिख संगत ने उस हादसे में सिखी का प्रचार करने वाले एक ग्रंथी सिंह को भी खो दिया। गांव के गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी का दायित्व निभाने वाले इकबाल सिंह नई पीढ़ी को सिखी से जोड़ने में डटे रहे। दुनिया से अलविदा होते समय भी वह संगत को श्री आनंदपुर साहिब से धार्मिक यात्रा करवाकर ला रहे थे। इकबाल सिंह ने पालकी साहिब तैयार की थी, जिसे वह खुद ड्राइव करते थे और उसमें संगत को बैठाकर अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाते थे। मैणी माजरा के गांव में वह श्री गुरुग्रंथ साहिब के बुजुर्ग स्वरूपों की सेवा करते रहे। गांव के गुरुद्वारा साहिब में 25 सालों से सेवा कर रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, ग्रंथी इकबाल सिंह गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी की सेवा निभाने के बदले वेतन भी नहीं लेते थे। हर महीने वह गांव की संगत को पालकी साहब वाली बस में बैठाकर यात्रा पर ले जाते थे, ताकि लोग सिखी से जुड़े रहें। ग्रामीण भी उनके साथ यात्रा करने को लेकर उत्साहित रहते थे। बस हादसे में मौत के बाद वीरवार को उनका अंतिम संस्कार संगरूर में उनके पैतृक गांव छन्ना में कर दिया गया। ग्रंथी इकबाल सिंह के बारे में अहम बातें… हादसे के वक्त इकबाल सिंह ही चला रहे थे बस मंगलवार रात भटेड़ी के पास जब एक्सीडेंट हुआ, उस समय बस ग्रंथी इकबाल सिंह ही चला रहे थे। रमनदीप सिंह का कहना है कि जब वह संगत को लेकर जाते थे तो पूरे रास्ते नाम सिमरन करवाते थे। जब बस हादसा हुआ, उस समय भी नाम सिमरन कर रहे थे। सड़क के बीच में बने गड्ढे के कारण उनकी बस एकदम से पलट गई और एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में इकबाल सिंह भी इस दुनिया को अलविदा कह गए। सिखी का लॉस है इकबाल सिंह का जाना ग्रंथी इकबाल सिंह की बात करते हुए ग्रामीण आज भी भावुक हो रहे हैं। गांव के गज्जन सिंह का कहना है कि ग्रंथी इकबाल सिंह के जाने का सबसे ज्यादा नुकसान उनके गांव का हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रंथी इकबाल सिंह सिखी की सेवा में थे, इसलिए उनके जाने से सिखी को भी लॉस हुआ है। उन्होंने कहा कि वह 25 साल से सेवा कर रहे थे। वह सबसे बड़ी सेवा बुजुर्ग पावन स्वरूपों की कर रहे थे। इसके लिए वह सभी मर्यादाओं का पालन करते रहे। उन्होंने बताया कि तकरीबन महीने में वह ग्रामीणों को किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर जरूर ले जाते थे। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब- पालकी में बची लड़की, हादसे की पूरी कहानी बताई:बिना सीटों वाली बस, कीर्तन करते वक्त अचानक पलटी; खंभे से टकराकर करंट फैला श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेक कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस फतेहगढ़ साहिब में सड़क पर एक गड्ढे में पहिया जाने से पलट गई। इसमें 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि, 20 से ज्यादा श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर…