पंजाब के संगरूर जिले में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने खेतीबाड़ी विकास बैंकों से जुड़ी मांगों को लेकर सुनाम स्थित बैंक शाखा के बाहर जिलास्तरीय धरना शुरू किया है। यह धरना पंजाब के 10 जिलों में बैंक शाखाओं के बाहर शुरू किए गए पक्के धरनों का हिस्सा है। किसानों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बैंक किसानों को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि कर्ज चुकाने के बाद भी किसानों को कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। धरने को संबोधित करते हुए जिला जनरल सचिव रण सिंह ने बताया कि यूनियन ने बैंक प्रबंधकों को दोपहर 12 बजे तक बैंक बंद करने का अल्टीमेटम दिया था। किसानों के बढ़ते रोष को देखते हुए बैंक मैनेजर ने बातचीत के बाद कर्मचारियों को बाहर निकालकर बैंक को ताला लगवा दिया। पूरी राशि वसूलने के बावजूद मामले करवा रहे दर्ज रण सिंह ने आरोप लगाया कि लैंड मॉर्गेज बैंक किसानों से कर्ज की पूरी राशि वसूलने के बावजूद खाली चेकों के आधार पर अदालतों में मामले दर्ज करते हैं। इससे किसानों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने गांव हरी नौ के दो सगे भाइयों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी इसी तरह कथित रूप से मानसिक दबाव देकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया था। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग किसानों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि पीड़ित किसानों को न्याय दिलाने, बैंकों द्वारा लिए गए खाली चेक वापस करवाने और किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करवाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरना अनिश्चितकालीन जारी रहेगा किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को पूरे पंजाब में और तेज किया जाएगा। किसानों ने ऐलान किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक यह धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।