पानीपत जिले के समालखा के लापता छात्र हिमांशु सिंघला का शव 6 दिन बाद दिल्ली के नरेला स्थित एक नहर से बरामद किया गया है। नरेला पुलिस ने सोमवार को समालखा थाने को इसकी सूचना दी। शव को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल, जहांगीर पुरी में रखवाया गया था। सूचना मिलने पर समालखा चौकी इंचार्ज अनिल कुमार अपनी टीम और हिमांशु के परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने शव की शिनाख्त कर अपने बेटे की पहचान की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नहर किनारे मिली थी स्कूटी और लाइसेंसी रिवॉल्वर गौरतलब है कि 15 अप्रैल को समालखा के नामुंडा नहर किनारे हिमांशु की चाबी लगी इलेक्ट्रिक स्कूटी, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, 12वीं कक्षा की किताबें और एक बैग बरामद हुआ था। रिवॉल्वर से 2 कारतूस चले हुए थे, जबकि बैग में 4 जिंदा कारतूस, चॉकलेट के रैपर और एक चश्मे की डिब्बी मिली थी। नामुंडा से डिडार गांव की ओर पुल के पास राहगीर रविंद्र और उसके दोस्तों ने स्कूटी को नहर किनारे खड़ा देखा था। करीब 20 मिनट बाद जब वे वापस लौटे, तो स्कूटी की लाइट जल रही थी। पास जाने पर उन्हें बैग और रिवॉल्वर दिखाई दिए, जिसकी सूचना तुरंत डायल 112 पर दी गई। इसके बाद समालखा थाना प्रभारी दीपक कुमार और सीआईए वन की टीम मौके पर पहुंची। हमें नरेला थाने से सुबह सूचना मिली थी- थाना प्रभारी हिमांशु के लापता होने के बाद से ही गोताखोरों, एसडीआरएफ की 5 सदस्यीय टीम और मधुबन की टीमों ने नामुंडा नहर से खुबड़ू झरने तक सघन तलाशी अभियान चलाया था। उसकी गुमशुदगी का संदेश सभी थानों और वॉट्सएप ग्रुपों पर भी प्रसारित किया गया था। हिमांशु के पिता अनिल के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। समालखा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया, ‘हमें नरेला थाने से सुबह सूचना मिली थी। शिनाख्त के लिए परिजन और हमारी टीम वहां गई थी। पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।’