रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के मामले में रोजाना सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई कराने को लेकर सीबीआई द्वारा अर्जी लगाई गई थी, जिस पर आज सुनवाई होगी। हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस ने चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में 11 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने करीब 1.4 करोड़ रुपए जब्त या फ्रीज किए हैं। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं। ये सभी ठिकानें भुल्लर, उनके करीबी लोगों, प्रॉपर्टी डीलरों और संदिग्ध बेनामी लोगों से जुड़ी बताई जा रही हैं। जल्द IPS-IAS से हो सकती है पूछताछ अब जल्द ईडी पंजाब के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है, क्योंकि विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर प्रारंभिक जांच (पीई) से संबंधित अर्जी को मंजूर कर लिया है। अदालत के इस फैसले के बाद जांच मामले में आगे कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने डीआईजी और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की ओर से कॉग्निजेंस (संज्ञान) आदेश को चुनौती देने वाली अर्जी को सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने संज्ञान लिए जाने के अपने फैसले को सही ठहराया। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। सीबीआई ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) शुरू कर दी है। CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली… DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।