शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मुंगेर ग्रामीण बाल विकास परियोजना कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) प्रियदर्शनी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता और भेदभाव न करने की शपथ दिलाई। सीडीपीओ प्रियदर्शनी ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार यह कार्यक्रम सभी कार्यालयों में आयोजित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी विभागों में उपस्थित कर्मचारियों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने आगे बताया कि 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का निधन हुआ था। महात्मा गांधी ने कुष्ठ रोगियों की सेवा कर यह सिद्ध किया था कि यह रोग सेवा से नहीं फैलता। आज उपस्थित कर्मचारियों को यह शपथ दिलाई गई कि वे अपने क्षेत्र में कुष्ठ रोग के प्रति कोई भेदभाव नहीं रखेंगे। प्रियदर्शनी ने जानकारी दी कि यदि किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के लक्षण दिखते हैं, तो मल्टी ड्रग थेरेपी (एचडीटी) का पूरा और नियमित खुराक लेने के बाद वह व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। ऐसे प्रभावित व्यक्ति समाज में हम सबके बीच रह सकते हैं। इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षिका अलका सिन्हा, गौरी रानी, प्रिया आनंद, प्रखंड समन्वयक विजेता कुमारी और अन्य आंगनबाड़ी सेविकाएँ उपस्थित रहीं।