सोनीपत में नगर निगम चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट कमल दीवान भी लगातार प्रचार में जुटे हैं। कांग्रेस नेता कमल दीवान ने नगर निगम कि भ्रष्टाचार के लिए बीजेपी पर आरोप लगाए हैं, कहा कि फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है और पूरा सिस्टम मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाकर NOC जारी होती है, रजिस्ट्री के बाद दस्तावेज गायब कर दिए जाते हैं और मकान अवैध घोषित कर दिए जाते हैं। वहीं, शहर की सीवरेज व्यवस्था को भी बदहाल बताते हुए अधूरे काम और गलत प्लानिंग को जिम्मेदार ठहराया। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, कम वेतन और पार्किंग जैसी बुनियादी समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया और बदलाव की जरूरत बताई। दैनिक भास्कर एप से कमल दीवान ने खास बातचीत की। सवाल 1: लोगों के बीच जा रहे हैं, क्या समस्या सामने आ रही है? कमल दीवान: इस समय सोनीपत की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। जनता को फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर लूटा जा रहा है। पहले फर्जी तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाई जाती है, फिर NOC जारी होती है, उसके बाद रजिस्ट्री कर दी जाती है। जैसे ही रजिस्ट्री होती है, NOC दस्तावेज हटा दिया जाता है और मकान अवैध घोषित कर दिया जाता है। यह पूरा खेल मिलीभगत से चल रहा है। हाल ही में नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी घोटाले में करीब 10 अधिकारी-कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। यह साफ दिखाता है कि पहले पैसे लेकर भ्रष्टाचार किया जाता है और बाद में पैसे देकर खुद को बचा लिया जाता है। मामलों को “अंडर इन्वेस्टिगेशन” कहकर दबा दिया जाता है। सवाल 2: शहर की सीवरेज व्यवस्था को लेकर क्या स्थिति है? कमल दीवान: शहर में सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। सड़कों को सीवर डालने के नाम पर खोद दिया जाता है, लेकिन बाद में ठीक नहीं किया जाता। लोग बार-बार चक्कर काटते हैं। जहां 8-12 फीट गहराई में सीवर डालना था, वहां सिर्फ 4 फीट में डालकर छोड़ दिया गया। काम जल्दबाजी में किया गया है और नगर निगम में भ्रष्टाचार का सिंडिकेट चल रहा है। सवाल 3: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर आपका क्या कहना है? कमल दीवान: कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस ने पहले भी उनके हक की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ेगी। पिछली बार मेयर उपचुनाव के दौरान आवाज उठाने के बाद ही उन्हें सैलरी मिली थी। आज हालत यह है कि कर्मचारियों को महीने की अच्छी सैलरी नहीं मिल रही, सिर्फ 8-9 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। कर्मचारी इतने नाराज हैं कि उन्होंने भाजपा और उसके प्रत्याशी का बहिष्कार कर दिया है। सवाल 4: बीजेपी सरकार और उनके कामकाज पर आपका क्या आरोप है? कमल दीवान: बीजेपी का 10 महीने पहले का उपचुनाव घोषणा पत्र हमारे पास है, लेकिन उसमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। जनता ने एक साल पहले उन्हें मौका दिया, लेकिन उन्होंने सोनीपत के लिए कोई काम नहीं किया। लोगों ने 10 महीने तक परेशानी झेली है। अब 5 साल का चुनाव है, अगर लोग फिर से उन्हें चुनते हैं तो 5 साल तक वही स्थिति झेलनी पड़ेगी। अगर सोनीपत को भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित बनाना है तो कांग्रेस को वोट देना होगा। सवाल 5: शहर में पार्किंग की समस्या और जाम को लेकर क्या कहेंगे? कमल दीवान: शहर में लंबे समय से पार्किंग की मांग है, लेकिन 10 महीने में भी इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। यह लापरवाही और काम करने की इच्छा की कमी दिखाता है। सिर्फ 6 महीने में भी काम हो सकता था, लेकिन कुछ नहीं किया गया। कई जगह सड़क के लेवल से ऊपर निर्माण कर दिया गया, जिससे पानी निकासी नहीं हो पाती और शहर में जलभराव होता है। यह सब खराब योजना और भ्रष्टाचार का नतीजा है। सवाल 6: अगर आपको जीत मिलती है तो पहले 100 दिन की प्राथमिकता क्या होगी? कमल दीवान: पहले 100 दिनों में सबसे बड़ी प्राथमिकता भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना होगी। प्रॉपर्टी आईडी और फैमिली आईडी को सरल बनाया जाएगा ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।