‘मेरे पति की जिसने हत्या की, उसका एनकाउंटर कर दिया गया, मैंने तो नहीं देखा, पता नहीं सरकार झूठ बोल रही है। सरकार सबूत देगी, तब मैं मानूंगी कि मेरे पति के ही हत्यारे का एनकाउंटर किया गया है।’ गयाजी जिले के बाराचट्टी के तेतरिया गांव की रहने वाली 35 साल की उषा देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, उषा देवी के पति बिनेश साह (42) की रविवार की रात चलती ट्रेन में गोली मारकर हत्या हुई थी। गोली मारने वाले साइको एक्स आर्मी मैन गुरप्रीत सिंह को भी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। एनकाउंटर पर बिनेश के घरवालों ने सवाल उठाए हैं। मृतक की पत्नी के अलावा बिनेश के परिवार के किस सदस्य ने एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए? मृतक के पिता और भांजे ने एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार के बारे में क्या कहा? घटना वाले दिन ट्रेन की दूसरी बोगी में मौजूद मृतक की साली ने क्या कहानी बताई? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले एक्स आर्मी मैन के एनकाउंटर से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए अब जानिए बिनेश की हत्या और एनकाउंटर को लेकर पत्नी ने क्या कहा? मृतक बिनेश साह की पत्नी उषा देवी ने बताया कि मैं घर पर थी, मेरे पति के साथ मेरी बहन गई थी। ट्रेन में भीड़ के कारण मेरी बहन और मेरे पति अलग-अलग बोगी में बैठे थे। मेरे पति सद्गगुरु के सत्संग में जा रहे थे। परिवार के 10 से ज्यादा सदस्य साथ में थे। कैसे क्या हुआ, मुझे नहीं पता। प्रशासन ने मेरी बहन को मेरे पति की लाश दिखाई, तब मेरी बहन ने पहचान की और पुलिस को बताया कि ये मेरे जीजा बिनेश हैं। घटना के 48 घंटे से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन मेरे पति की लाश अब तक हम लोगों को नहीं दी गई है। प्रशासन का कहना है कि लाश जल्द भेज रहे हैं, लेकिन कोई मेरे पति का शव लाकर मुझे उनका चेहरा दिखा दो। मेरी तीन बेटियां हैं, पति समोसा बेचते थे, किसी तरह दो बेटियों की शादी कर दी। अब छोटी बेटी 16-17 साल की है, उसका क्या होगा, मेरा क्या होगा। रामवृक्ष साव बताते हैं कि बिनेश परिवार की पूरी रीढ़ था। गांव के बाजार में गोलगप्पा, समोसा बेचकर घर चलाता था। उसी से मेरा, अपनी पत्नी और छोटी बेटी का खर्च चलाता था। अभी घर आधा-अधूरा है। जमीन नहीं है। खेती नहीं। अब कमाने वाला चला गया तो परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है। अब जिंदगी पहाड़ हो गई। सरकार कुछ नहीं करेगी तो हम सड़क पर आ जाएंगे। साली बोली- वारदात के 2 घंटे बाद हमें जानकारी दी, अब तक लाश नहीं सौंपी मृतक की बड़ी साली लीला देवी ने बताया कि मैं अपने जीजा और अन्य 5 लोगों के साथ जा रहे थे। हम लोग सत्संग में जा रहे थे। कोलकाता से जम्मू कश्मीर जाने वाली ट्रेन में हम लोग सवार थे। रात करीब 9 बजे हम लोग गयाजी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठे थे। सुबह करीब 4 बजे जीआरपी के जवान आए और कहा कि जगगुरुदेव के आदमी कौन-कौन थे? मैंने कहा कि मैं हूं, पूछा कि क्या हुआ है? फिर जवान ने पूछा कि आपके साथ कौन-कौन था। मैंने अपने साथ चार लोगों को आरपीएफ जवान को दिखाया और बताया कि मेरे जीजा भीड़ की वजह से दूसरी बोगी में सवार हैं। फिर आरपीएफ जवानों ने खून से लथपथ एक तस्वीर दिखाई और मुझसे पहचानने को कहा। मैंने तुरंत पहचान की और बताया कि ये मेरे जीजा बिनेश साह हैं, मैंने पूछा कि क्या हुआ है, इनके सिर से खून क्यों निकल रहा है? आरपीएफ जवान ने बताया कि आपके जीजा को गोली लग गई है। मैंने पूछा कि जीजा कहां हैं, तो आरपीएफ जवान ने बताया कि आपके जीजा को अस्पताल के आईसीयू में एडमिट कराया गया है। लीला देवी ने बताया कि घटना डेढ़ से 2 बजे सुबह की है और हम लोगों को करीब दो घंटे बाद यानी 4 बजे जानकारी दी गई। जब हम लोगों को जानकारी मिली तो ट्रेन काफी आगे निकल गई थी। फिर हम लोगों को ट्रेन से उतारकर दूसरे ट्रेन से जीजा के पास ले जाया गया। मैंने अस्पताल में पहुंचकर कहा कि जीजा से मुलाकात कराइए, लेकिन जवानों ने सिर्फ बैठने को कहा, बिना लाश दिखाए, हम लोगों को घर भेज दिया। आरोपी की हत्या करने वाले का एनकाउंटर हो गया, इस सवाल के जवाब में साली लीला देवी ने कहा कि मुझे नहीं पता, हम लोगों को सबूत चाहिए कि जिसने मेरी जीजा की हत्या की, उसी का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। योगी सरकार ने एनकाउंटर कर बहुत सही किया मृतक के भांजे नीरज गुप्ता ने बताया कि मेरे मामा की हत्या कर दी गई। यूपी और बिहार सरकार इस तरह की घटना पर लगाम लगाने की कोशिश करे। इस घटना में शामिल अन्य लोगों की सरकार तलाश कर उसे कड़ी सजा दे। सरकार से मांग है कि ट्रेन में कैमरा लगा होगा, उसे खंगाल कर आरोपी के साथ मौजूद अन्य उसके साथी को भी सजा दे। एनकाउंटर हुआ है तो ये अच्छी बात है। यूपी सरकार ने हत्या के बदले आरोपी का तत्काल एनकाउंटर कर देती है, ये त्वरित न्याय का बेहतर उदाहरण है। कोलकाता जम्मू-तवी एक्सप्रेस से नौमिषारण्य धाम में सत्संग में जा रहे थे बिनेश अपने रिश्तेदारों के साथ कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस के एस-2 कोच में बैठे थे। यीपू के सीतापुर-लखनऊ स्थित नौमिषारण्य धाम में एक सत्संग में जा रहे थे। रात करीब 2 बजे गाड़ी मुगलसराय पहुंचने वाली थी। इससे पहले दिनेश ट्रेन के शौचालय में जाने के लिए अपनी सीट से उठे थे। वे ट्रेन के दरवाजे के पास पहुंचे थे, तभी गुरप्रीत ने सिर में गोली मार दी। ट्रेन की रफ्तार धीमी थी, आरोपी भाग गया। हालांकि सोमवार की सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, तब शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। घटना वाराणसी-चंदौली रेलखंड पर हुई। बिनेश साह की हत्या से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए आरोपी एक्स आर्मी मैन ने 26 घंटे में किए थे 3 मर्डर 45 साल के आरोपी एक्स आर्मी मैन गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में 26 घंटे के भीतर तीन हत्याएं की थीं। तीनों वारदातों का पैटर्न एक जैसा था- गोली सीधे कनपटी पर मारी गई थी। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सिर और सीने में गोली लग गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।