भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब पुलिस के एएसआई जोगा सिंह की हत्या अब सिर्फ एक मर्डर केस नहीं, बल्कि राज्य में पनप रहे नए आतंकी गैंगस्टर गठजोड़ की ओर इशारा कर रही है। वारदात स्थल से मिले खाली कारतूसों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि जोगा सिंह को मारी गईं चारों गोलियां पाकिस्तानी मेड (निर्मित) थीं। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी हमलावरों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस जांच के अनुसार, बाइक सवार 2 नाबालिग हमलावरों ने जोगा सिंह की हत्या की और वारदात का वीडियो भी बनाया। आरोपी हत्या के बाद गांव भोमा वडाला के रास्ते फतेहगढ़ चूड़ियां फरार हो गए। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और लिंक रोड्स खंगाल रही है। सूत्रों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से पाक की आईएसआई, केएनएफ और गैंगस्टर नेटवर्क मिलकर पंजाब पुलिस को निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसी बीच मार्च 2026 में थाना घरिंडा पुलिस ने एक बड़ा मॉड्यूल पकड़कर संभावित हमले को नाकाम किया था। पुलिस ने गांव महावा के पास दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक एके-47, दो मैगजीन, 36 जिंदा कारतूस और तीन विदेशी ग्लॉक पिस्तौल बरामद की थीं। जांच में सामने आया था कि हथियार पाक ड्रोन के जरिए भेजे गए थे और उनका इस्तेमाल पंजाब में पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए होना था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उस मॉड्यूल के तार विदेशी हैंडलरों और आईएसआई से जुड़े मिले थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटर्स के संपर्क में थे। इस मामले को ज्यादा गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पंजाब में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिसमें ‘तहरीक-ए-तालिबान हिन्दोस्तान’ (टीटीएच) नाम सामने आया है। इससे पहले 22 फरवरी 2026 को गुरदासपुर के अधियां पुलिस पोस्ट में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय भी सोशल मीडिया पोस्टर जारी कर टीटीएच नाम से जिम्मेदारी ली गई थी। सबसे अहम बात यह है कि 2026 से पहले भारत में इस नाम का कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं मिला। न किसी केंद्रीय एजेंसी की चार्जशीट में और न ही किसी बड़े आतंकी हमले में टीटीएच का जिक्र सामने आया था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि यह कोई नया ‘फ्रंट नाम’ हो सकता है, जिसके जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर पंजाब में डर और अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक एएसआई जोगा सिंह की किसी के साथ निजी दुश्मनी नहीं थी। वह रोजाना ड्यूटी खत्म कर स्कूटी पर अपने गांव बटाला घनिए के बांगर जाते थे और तड़के वापस ड्यूटी पर निकलते थे। पुलिस को शक है कि लंबे समय से उनकी रेकी की जा रही थी और इसी रूटीन के कारण वह सॉफ्ट टारगेट बन गए। उधर, मृतक एएसआई जोगा सिंह के घर मातम पसरा है। परिवार के मुताबिक उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। बेटे के विदेश से लौटने के बाद अब 27 मई को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बेटी के भी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।