‘हमबिस्तर हो जाओ, उपाध्यक्ष बना देंगे’:महोबा की महिला भाजपा नेता ने जिलाध्यक्ष पर लगाए आरोप, बोलीं- डरने वाली नहीं हूं

महोबा के भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा पर पार्टी की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपाली ने कहा, जिलाध्यक्ष ने जिला उपाध्यक्ष का पद देने के बदले उनसे हमबिस्तर होने की अनैतिक डिमांड की है। दीपाली का आरोप है कि पार्टी के दो पदाधिकारियों ने भी जिलाध्यक्ष की बात मानने का दबाव बनाया। धमकी दी गई है कि अगर वह चुप नहीं रहीं तो उनके पति को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। दीपाली ने यह बात अपने पति को बताई। पति की सलाह पर उन्होंने सोमवार को एसपी शशांक सिंह से शिकायत की है। एसपी ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए… अब पूरा मामला जानिए… 34 दिन पहले जिला मंत्री पद से इस्तीफा दिया था
दीपाली सोमवार दोपहर करीब एक बजे शिकायती पत्र लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा, मैं मोहन लाल कुशवाहा के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने आई हूं। दीपाली ने कहा, पार्टी में बेहतर पद न मिलने के कारण मैंने 34 दिन पहले जिला मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जिलाध्यक्ष मोहन लाल ने पार्टी की तरफ से इस्तीफे को मंजूर बताते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया था। जबकि शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि इस्तीफे पर कोई आधिकारिक स्वीकृति नहीं दी गई है। दीपाली ने 2 मांगें रखी हैं- दीपाली के चार बड़े आरोप… 1- पति को जेल में डालने की धमकी दी गई
दीपाली तिवारी ने कहा, मुझे धमकी दी गई कि तुम्हारे पति को झूठे मामले में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। तब मैं बोलने पर मजबूर हुई और सामने आई। मेरे पति ने भी मुझे हिम्मत दी कि मैं अपने पक्ष को सामने रखूं और न डरूं। क्योंकि सच बोलने से अन्य महिलाओं को भी अत्याचार से बचाया जा सकता है। 2- संगठन में पद के बदले आपत्तिजनक मांग
दीपाली तिवारी ने बताया कि कुछ समय पहले संगठन में एक टीम बनाई गई थी। तब कई बार निवेदन किया कि उन्हें भी टीम में शामिल कर जिला महामंत्री या जिला उपाध्यक्ष जैसा बड़ा पद दिया जाए। इस पर जिला अध्यक्ष मोहन लाल ने उन्हें बुलाया। वह अपनी बात रखने उनके पास गईं। आरोप है कि मोहन लाल ने दीपाली से कहा, ‘मैं आपको जिला उपाध्यक्ष बना दूं, तो आपको मेरे साथ लखनऊ, दिल्ली हर जगह चलना होगा। किसी को शक भी नहीं होगा। बस एक बार मेरे साथ हमबिस्तर हो जाइए। अगर आप मेरी बात मान जाएंगी, तो मैं आपको जिला पंचायत का टिकट भी दिलवा दूंगा।’ दीपाली के अनुसार, उनसे इशारों में बात की गई और कहा गया कि वह समझदार हैं, सब कुछ समझ जाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि वह उनकी बात मान लें तो उन्हें पद दे दिया जाएगा। 3- जिला पंचायत टिकट का प्रस्ताव
दीपाली तिवारी ने बताया कि यह सुनकर वह स्तब्ध रह गईं। उन्होंने कहा कि जो बात कही गई, वह अत्यंत आपत्तिजनक थी। उनसे कहा गया कि “एक बार समझौता कर लीजिए।” उन्होंने जवाब दिया कि आपके घर में भी बहन-बेटियां हैं, ऐसी बातें कैसे की जा सकती हैं। इसके बाद वह वहां से जाने लगीं। आरोप है कि जाते समय उन्हें यह भी कहा गया कि यदि वह बात मान लें तो उन्हें जिला पंचायत का टिकट भी दिलाया जा सकता है। 4- करीबी पदाधिकारी के माध्यम से दबाव
दीपाली तिवारी ने कहा कि उन्होंने 10 वर्षों तक संगठन में काम किया है और वह नहीं चाहती थीं कि उनकी मेहनत व्यर्थ जाए। वह लगातार काम करती रहीं और शीर्ष नेतृत्व से न्याय की उम्मीद रखती रहीं। लेकिन बाद में मोहनलाल के एक करीबी पदाधिकारी पंकज तिवारी ने उनसे कहा कि जिला अध्यक्ष की बात मान लें, तो उन्हें जिला महामंत्री बनाया जा सकता है। दीपाली ने बताया कि उन्होंने स्पष्ट रूप से इनकार किया और दोबारा ऐसी बातें न करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए और सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई, जबकि पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दीपाली ने कहा- डरने वाली नहीं, न चुप बैठने वाली
दीपाली ने कहा, मैंने कभी गलत काम नहीं किया। लोग कहते हैं कि मैंने मकान तक बेच दिया, लेकिन मैं अपने चरित्र को बेचकर कुछ भी हासिल नहीं करना चाहती थी। इसी संगठन में पहले भी मैंने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ काम किया है, जिन्होंने महिलाओं का सम्मान किया है और कभी कोई गलत अनुभव नहीं हुआ। लेकिन आज के समय में स्थिति बदल गई है, जिससे महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैं डरने वाली नहीं हूं और न ही चुप बैठूंगी। मैं सच के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगी। 10 साल से भाजपा में हैं दीपाली
दीपाली तिवारी पिछले 10 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय हैं। उनका मायका कौशांबी जनपद में है, जहां उनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। कौशांबी जिले की चायल विधानसभा से उनके दादा मंगला प्रसाद तिवारी उर्फ जर्मन मास्टर विधायक भी रहे थे, जो करीब पांच दशक पुरानी बात है। उनके पति शशांक तिवारी पूर्व में मंडी परिषद में ठेकेदारी का काम करते थे। दीपाली तिवारी पार्टी में रहते हुए पूर्व में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की जिला संयोजिका रही हैं और पिछले लगभग 9 वर्षों से जिला मंत्री के पद पर कार्यरत थीं। जिलाध्यक्ष बोले- मेरी छवि को धूमिल किया जा रहा दीपाली तिवारी के आरोपों पर भाजपा जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने कहा, यह आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत है। सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे इन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और यह केवल उनकी छवि खराब करने की साजिश है। ————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- बिजनौर में युवक का सिर, एक हाथ-पैर धड़ से अलग:हाईवे पर डंपर ने ठोकर मारी, हवा में उछलकर लोहे की रेलिंग पर गिरने से गर्दन कटी बिजनौर में सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग पर टकराने से एक का सिर धड़ से अलग हो गया। दरअसल, तेज स्पीड डंपर ने युवक को ठोकर मारी और वह हवा में कई फीट उछलते हुए रेलिंग पर जा गिरा। इससे उसकी गर्दन कटती चली गई। बायां हाथ और दाहिना पैर भी कटकर अलग हो गया। आसपास कई मीटर तक खून पसर गया। आसपास के लोग दौड़े पहुंचे तो युवक की मौत हो चुकी थी। सिर, धड़, एक हाथ और पैर बिखरे पड़े थे। पढ़ें पूरी खबर…

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