हरियाणा के मेट्रोपॉलिटन सिटी में नहीं जाएगी लाइट:गुरुग्राम बिजली संकट के बाद विज सख्त, नई गाइडलाइन जारी; पीक ऑवर पर नजर

गुरुग्राम में हाल ही में सामने आई बिजली संकट की घटनाओं के बाद हरियाणा सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि राज्य के मेट्रोपॉलिटन शहरों में किसी भी स्थिति में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विभाग की ओर से नई गाइडलाइन भी जारी की गई हैं और रोजाना बिजली आपूर्ति की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। 23 मई को हरियाणा में बिजली की डिमांड 13,227 मेगावाट तक पहुंच गई थी, जबकि 24 मई को यह घटकर 12,101 मेगावाट रही। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मांग और बढ़ सकती है। पिछले साल प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग करीब 15 हजार मेगावाट तक पहुंची थी। 18 हजार मेगावाट जाएगी डिमांड अनिल विज कहा कि सरकार ने संभावित संकट से निपटने के लिए पहले ही तैयारी कर ली है और 18 हजार मेगावाट तक बिजली खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। अनिल विज ने कहा कि विभाग को हर रोज बिजली कटौती की रिपोर्ट मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार शहरों में औसतन दो घंटे और गांवों में चार घंटे तक बिजली कट लगने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि अब अधिकारियों से यह भी पूछा जा रहा है कि कटौती किन कारणों से हुई और उसे कैसे रोका जा सकता है। पीकऑवर में अलर्ट रहेंगे अधिकारी ऊर्जा विभाग के अनुसार दोपहर 2 बजे से 4 बजे और रात 8 बजे से 11 बजे तक बिजली की सबसे ज्यादा मांग रहती है। इन पीक ऑवर में अतिरिक्त लोड को संभालने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। सरकार का दावा है कि शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फील्ड अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। 3 कर्मचारी हो चुके सस्पेंड गुरुग्राम में बिजली संकट के मामले में राज्य सरकार ने 3 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। यह कार्रवाई 22 मई को सेक्टर-72 स्थित 220 KV बिजली घर में खराबी आने और कई इलाकों में बिजली गुल होने के बाद की गई है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) ने निलंबन आदेश जारी किया गया था। निलंबित किए गए कर्मचारियों में पल्ली सब-स्टेशन के सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE/SSE) संदीप सिंह, पल्ली सब-स्टेशन के जूनियर इंजीनियर (JE) इंचार्ज बृजेश और सेक्टर-72 सब-स्टेशन के जूनियर इंजीनियर (JE) इंचार्ज संदीप नैन शामिल हैं। क्या थी गुरुग्राम की घटना 22 मई की रात को हुए इस बड़े फॉल्ट के कारण रैपिड मेट्रो सेवा प्रभावित हुई थी। इसके अतिरिक्त, कई सेक्टरों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो का नेटवर्क 11.7 किलोमीटर लंबा है और यह सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करता है।

बिजली गुल होने के कारण रैपिड मेट्रो के यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा और उन्हें ट्रैक पर चलना पड़ा। लगभग 2 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। रैपिड मेट्रो में कुल 11 स्टेशन हैं।

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