हरियाणा सरकार प्रदेश में कारोबार और निवेश बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर नियमों को आसान बनाने जा रही है। इसके तहत सरकार एक नया “ओम्निबस बिल” लाने की तैयारी में है, जिससे अलग-अलग विभागों के जटिल नियमों को एक ही कानून में सरल तरीके से शामिल किया जाएगा। सरकार का मकसद है कि उद्योग लगाने या बिजनेस शुरू करने में लोगों को कम दिक्कत हो, कम कागजी कार्रवाई करनी पड़े और मंजूरी जल्दी मिले। आम लोगों और व्यापारियों के लिए क्या बदलेगा? इस नए बदलाव के बाद अब कई मामलों में लंबी अनुमति प्रक्रिया कम होगी। सरकार 30 दिन के अंदर मंजूरी देने का लक्ष्य तय कर रही है। एक ही प्लेटफॉर्म (सिंगल विंडो) से सभी मंजूरी मिल सकेगी। ऑनलाइन सिस्टम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
जमीन और निर्माण से जुड़े बड़े बदलाव राज्य के करीब 70% क्षेत्र में अब जमीन के उपयोग (CLU) की अनुमति लेने की जरूरत नहीं। बाकी क्षेत्रों में भी CLU को ऑटोमेटिक करने की तैयारी है। मकान/फैक्ट्री के कब्जा प्रमाण पत्र के लिए कई NOC खत्म होंगी। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। छोटे उद्योगों (MSME) को राहत प्लॉट को बांटना, ट्रांसफर करना और सब-लीज आसान होगी। बिना ज्यादा अनुमति के बिजनेस गतिविधि बदली जा सकेगी। “राइट टू बिजनेस एक्ट” के तहत खुद की घोषणा देकर काम शुरू किया जा सकेगा। शुरुआती समय में सरकारी निरीक्षण कम होंगे। 500 करोड़ का ‘सक्षम’ फंड सरकार पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को सुधारने के लिए 500 करोड़ रुपये का फंड बनाने जा रही है। इससे इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें, सुविधाएं बेहतर होंगी। फायर सेफ्टी और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी साझा सुविधाएं विकसित होंगी। कई अनावश्यक लाइसेंस खत्म किए जा रहे हैं। नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाया जा चुका है। आगे और नियमों को आसान बनाया जाएगा।