हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों का आज या कल औपचारिक ऐलान हो सकता है। राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। आयोग की ओर से मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। राज्य की 3758 पंचायतों में लगभग 51 लाख वोटर मतदान करेंगे। चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद सरकार और प्रशासन किसी भी नई योजना या घोषणा पर रोक का पालन करेंगे। इलेक्शन कमीशन ने सभी जिलों के डीसी को पहले ही चुनाव की तैयारियां रखने के निर्देश दे रखे है। 22, 24 व 26 मई को हो सकते हैं चुनाव संभावना है कि पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जा सकते हैं, ताकि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में भी सुचारु रूप से मतदान संपन्न हो सके। इसकी संभावित तिथि 22, 24 और 26 मई हो सकती है। इन चुनाव में 50 हजार से ज्यादा कर्मी ड्यूटी देंगे। पंचायत चुनाव पुरानी पद्धति के तहत बैलेट पेपर पर करवाए जाते हैं, जबकि शहरी निकायों के चुनाव ईवीएम मशीन से होते है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मई से पहले चुनाव कराने के आदेश दे रखे सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव 31 मई से पहले करवाने के आदेश दे रखे हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने में जुटा हुआ है। इससे पहले शहरी निकाय चुनाव की घोषणा बीते सप्ताह कर दी गई है। 51 निकायों में 17 मई और दो जगह 22 मई को मतदान होना है। 5 पदों के लिए करवाए जाएंगे पंचायत चुनाव ये चुनाव पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन चुनाव में प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों का चयन होगा। पंचायतों में अभी एडमिनिस्ट्रेटर लगा रखे प्रदेश की पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को ही समाप्त हो चुका है। इसके बाद सरकार ने पंचायतों में एडमिनिस्ट्रेटर लगा रखे हैं। ऐसे में अब नए जनप्रतिनिधियों के चुनाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर चुनी हुई सरकारों की वापसी का रास्ता साफ होगा। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां और तेज होगी। उम्मीदवारों की दावेदारी, प्रचार-प्रसार और स्थानीय मुद्दों पर बहस आने वाले दिनों में जोर पकड़ेंगी। हालांकि सोशल मीडिया पर पहले ही प्रचार और दावेदारी चरम पर है।