51 दिन बाद कब्र से निकाली लड़की की बॉडी:पड़ोसी पर रेप के बाद हत्या का आरोप; परिवार बोला- शादी के लिए दबाव बना रहा था

सीतामढ़ी में 14 साल की बच्ची का शव कब्र से खोदकर निकाला गया है। बच्ची की मां ने पड़ोस के एक युवक पर रेप के बाद हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जल्दबाजी में दफनाने का आरोप लगाया है। 3 अप्रैल 2026 को बच्ची की हत्या हुई थी। इस मामले में 33 दिन पर थाने में केस दर्ज कराया गया था। 51 दिन बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्रिस्तान से शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने बॉडी का पोस्टमॉर्टम करवा दिया है, फिलहाल रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। मामला बेलसंड थाना क्षेत्र के एक गांव का है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी मिली थी बॉडी परिजनों ने बताया कि 3 अप्रैल 2026 को बच्ची घर में अकेली थी। इसी बीच पड़ोस में रहने वाला एक युवक घर में घुस आया। उसने बच्ची के साथ रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी। आरोपी रिश्ते में भाई लगता है। वहीं घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसने शव को दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका दिया। पीड़ित मां ने बताया कि घटना वाले दिन वो सुबह गेहूं की कटनी के लिए खेत गई हुई थी। जब वह वापस लौटी तो उसकी बेटी चौकी पर घुटने के बल बैठी हुई थी। उसके गले में दुपट्टे का फंदा लगा था, जिसका दूसरा सिरा छप्पर के बांस से बंधा हुआ था। पिता के पहुंचने से पहले दफनाया शव मां का आरोप है कि बेटी का शव देखकर जब मैंने शोर मचाया तो गांव के कुछ लोगों ने डराया-धमकाया और चुप रहने को कहा। पिता मुंबई में काम करते हैं। घटना के अगले दिन 4 अप्रैल को पिता के पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने मां की मर्जी के खिलाफ शव को कब्रिस्तान में दफना दिया। पीड़िता की मां ने गांव के 6 लोगों के खिलाफ रेप-हत्या के आरोप में FIR दर्ज करवाया है। जिसमें उसने मो० रियाज, गुलाब दर्जी, अली दर्जी, फिरोज दर्जी, मायरा खातून और उषा दर्जी को आरोपी बनाया है। लड़की से शादी करना चाहता था आरोपी मृतका की चाची ने बताया कि गांव के युवक मो. रियाज ने उनकी भतीजी को कई बार प्रपोज किया था और लगातार बात करने का दबाव बना रहा था। वह निकाह भी करना चाहता था। किशोरी के बातचीत से इनकार करने पर आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद आनन-फानन में शव को 4 अप्रैल को दफना दिया गया ताकि मामले के साक्ष्य मिटाए जा सकें। 7 मई को मामला हुआ दर्ज घटना की सूचना मिलने पर पिता 5 अप्रैल को गांव पहुंचे। उन्हें बेटी की मौत पर शुरू से ही शक था। बच्ची आठवीं कक्षा की छात्रा थी। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। किशोरी की मां की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और 7 मई को मामला 122/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 मई को शव को कब्र से निकालने का आदेश दिया गया। आदेश के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्रिस्तान से शव को बाहर निकाला गया। बेलसंड थानाध्यक्ष जंगो राम ने बताया कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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