80 लाख कैश देकर इंजीनियर ने खरीदा 4BHK फ्लैट:दूसरे के नाम 19 लाख की कार; पत्नी के पास आधा किलो सोना, रेड में क्या-क्या मिला

बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के घर शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रेड की। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार के पटना, जमुई और उनके ससुराल समेत कुल 5 ठिकानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 40 लाख रुपए कैश, करोड़ों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण मिले हैं। वहीं, कई प्लॉट और फ्लैटों से जुड़े दस्तावेज, निर्माणाधीन मकान के कागजात और बेनामी गाड़ियों से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं। EOU थाना कांड संख्या-08/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी में गोपाल कुमार पर अपनी ज्ञात आय से 2 करोड़ 61 हजार रुपए अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक यह उनकी वैध आय से करीब 81.5% ज्यादा है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पटना से रेड की तस्वीरें… देर शाम तक चली छापेमारी EOU की टीम ने विशेष निगरानी कोर्ट से तलाशी वारंट लेकर शनिवार सुबह 9 बजे से छापेमारी शुरू की। निगरानी DSP के नेतृत्व में कई टीमों ने एक साथ अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की। देर शाम तक तलाशी की गई। पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम के जगत विला अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर F-2, कंकड़बाग स्थित पैतृक मकान, जमुई में केकेएम कॉलेज के पास किराए का आवास, झाझा स्थित कार्यालय और पटना के राजाबाजार स्थित ससुराल में तलाशी की गई। जांच एजेंसी को तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्तियों से यह आशंका है कि आय से अधिक संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है। फ्लैट से मिले 39.65 लाख कैश पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित फ्लैट से सबसे अधिक बरामदगी हुई। यहां से EOU को 39 लाख 65 हजार रुपए कैश मिले। इसके अलावा करीब 47 लाख रुपए की ज्वेलरी खरीदने से जुड़े इनवॉयस बरामद किए गए। इसके अलावा 424.08 ग्राम सोने के जेवरात मिले, जिसकी कीमत 60.47 लाख रुपए आंकी गई है। इसके साथ करीब एक किलो चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए है। जांच टीम को कई ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे काफी कैश के लेन-देन की जानकारी मिली है। EOU इन दस्तावेजों को आय के स्रोत से जोड़कर जांच कर रही है। सगुना मोड़ के मॉल में दो दुकानें, दानापुर में निर्माणाधीन G+3 बिल्डिंग छापेमारी में सामने आया कि गोपाल कुमार ने पटना के सगुना मोड़ स्थित JB मॉल में दो व्यवसायिक दुकानें खरीदी हैं। इन दुकानों की कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा दानापुर बाजार समिति के पास 1.25 कट्ठे का एक आवासीय भूखंड है, जिसमें G+3 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जांच एजेंसी को मिले दस्तावेजों के अनुसार इस जमीन की रजिस्ट्री में 35 लाख रुपए दर्शाया गया है, लेकिन 93 लाख रुपए कैश भुगतान से जुड़े एग्रीमेंट और दस्तावेज मिले हैं। 80 लाख कैश भुगतान कर 4BHK फ्लैट खरीदे तलाशी के दौरान दानापुर स्थित लक्ष्मी कॉटेज में एक 4BHK फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस फ्लैट के लिए करीब 80 लाख रुपए कैश में भुगतान किया गया है। इसके अलावा कई अन्य प्लॉटों से संबंधित एग्रीमेंट भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत, भुगतान के स्रोत और स्वामित्व की जांच की जाएगी। किराए के मकान से मिला 8 लाख कैश, बेनामी कार बरामद जमुई स्थित किराए के मकान की तलाशी के दौरान 8 लाख 3 हजार 900 रुपए कैश मिले। इसके अलावा बेनामी कार बरामद की गई है। जांच में पता चला कि यह कार सुरेंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति के नाम से 19 लाख रुपए में खरीदी गई है। लेकिन वाहन खरीद से जुड़े दस्तावेज में गोपाल कुमार का मोबाइल नंबर दर्ज मिला है। इसी आधार पर EOU इस वाहन को बेनामी संपत्ति मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुरेंद्र प्रसाद से पूछताछ की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तविक मालिक कौन है और भुगतान किसने किया। बैंक खाते फ्रीज, LIC पॉलिसियों का भी मिला रिकॉर्ड तलाशी के दौरान तीन बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा पाए गए हैं। EOU ने इन खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की सात पॉलिसियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन पॉलिसियों में हर साल करीब 3.5 लाख रुपए प्रीमियम जमा किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाएगी कि अभियुक्त की घोषित आय के मुकाबले इतने बड़े निवेश और प्रीमियम भुगतान का स्रोत क्या था। सरकारी फाइलें मिलने से बढ़ी विभागीय कार्रवाई की संभावना तलाशी के दौरान अभियुक्त के आवास से ग्रामीण कार्य विभाग से संबंधित कई सरकारी दस्तावेज और फाइलें भी बरामद हुई हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि इस संबंध में विभाग को अलग से सूचित किया जाएगा। EOU का मानना है कि यदि सरकारी दस्तावेज निजी आवास पर रखे गए थे, तो यह सेवा नियमों के उल्लंघन का मामला भी बन सकता है। इसी को देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार सरकार को गोपाल कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सूचना दी जा रही है। 17 साल के कार्यकाल में करोड़ों की संपत्ति EOU के अनुसार गोपाल कुमार अक्टूबर 2008 में बिहार सरकार की सेवा में आए थे। उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग, पटना में सहायक अभियंता के पद पर योगदान दिया था। अपने सेवा काल के दौरान वे मधेपुरा, मोतिहारी, भोजपुर (आरा), बक्सर और सारण (छपरा) समेत कई जिलों में पदस्थापित रहे। साल 2022 में उन्हें कार्यपालक अभियंता के पद पर प्रोन्नति मिली थी। ईओयू के मुताबिक सरकारी सेवा में आने के बाद गोपाल कुमार की संपत्ति में असामान्य वृद्धि देखी गई। प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में यह सामने आया कि उन्होंने अपने ज्ञात आय स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी आधार पर ईओयू ने मामला दर्ज कर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी बोली- संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के अनुसार अब तक की तलाशी में जो दस्तावेज और संपत्तियां सामने आई हैं, उससे यह संभावना है कि आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। जांच एजेंसी कई संपत्तियों की बाजार कीमत का आकलन करा रही है। साथ ही नकद भुगतान, निवेश और बेनामी संपत्ति के पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। भास्कर इनसाइटः काली कमाई के 76 लाख शेयर मार्केट में लगाए
भ्रष्ट इंजीनियर गोपाल कुमार की काली कमाई का नेटवर्क सिर्फ पटना तक सीमित नहीं था। जांच में उनके काले साम्राज्य के सबसे बड़े राजदार (दूत) का पता चला है, जिसकी तलाश ईओयू कर रही है। यह दूत हर हफ्ते कमीशन के 8 लाख रुपए नकद लेकर पटना आता था।
गोपाल कुमार शेयर बाजार के भी बड़े खिलाड़ी निकले। उन्होंने अपनी काली कमाई के 76 लाख रुपए सीधे शेयर मार्केट में निवेश किए हैं। इसके अलावा ईओयू को अहम जानकारी मिली है कि इंजीनियर ने बिहार और नेपाल की सीमा पर भी कई कीमती जमीनों में बड़ा निवेश किया है। फिलहाल टीम इसका सत्यापन कर रही है। इंजीनियर बोले- मां के इलाज के लिए रखे थे 8 लाख बता दें कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमर ने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया है। जमुई वाले मकान से 8 लाख से ज्यादा कैश मिलने के सवाल पर कहा, ‘मेरी मां की तबीयत ठीक नहीं है, ये पैसे मैंने किसी को दिए थे, वही कैश है। पटना में मिले कैश को लेकर गोपाल कुमार ने कहा, मेरे पास उन पैसों का पूरा हिसाब है।’ साफ-सफाई करने वाली बोली- घर में इतने पैसे थे यकीन नहीं होता पड़ोसियों ने बताया कि शनिवार सुबह अचानक 2 गाड़ियों से पहुंची EOU टीम ने पहले पूरे मकान को चारों तरफ से घेर लिया, ताकि कोई भी सामान बाहर न फेंका जा सके। इसके बाद से लगातार तलाशी अभियान चल रहा है। अधिकारियों ने मकान के हर कमरे, अलमारी और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। वहीं घर में साफ-सफाई करने वाली एक महिला ने बताया कि इंजीनियर बेहद कंजूस स्वभाव के थे और मजदूरी का भुगतान भी समय पर नहीं करते थे। महिला ने कहा, “इतने पैसा उनके पास से निकलेगा, इस पर भरोसा करना मुश्किल है।” इंजीनियर के घर छापे में क्या-क्या मिला

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