राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव:महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7 सीटों पर वोटिंग; शरद पवार, हरिवंश का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा

चुनाव आयोग ने बुधवार को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। इनमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6 और पश्चिम बंगाल-बिहार की 5-5 सीटें शामिल हैं। शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। महाराष्ट्र की 7 सीटों के उदाहरण से फॉर्मूला समझते हैं राज्यसभा चुनाव में, किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में मतों की आवश्यकता होती है, जिसे जीतने का कोटा (Quota) कहा जाता है। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। खाली हो रही सीटें 7 हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए फॉर्मूला कुल विधायकों की संख्याx100/(राज्यसभा की सीटें+1)= +1
288X100/(7+1)= +1
28800/8= +1
3600= +1
3601
चूंकि एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। इसलिए महाराष्ट्र में अभी एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए कम से कम 36 विधायकों की जरूरत होगी। बैलेट पेपर पर खास पेन से होगी वोटिंग चुनाव आयोग ने कहा है कि वोट डालते समय केवल रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से दिए गए तय मानक का वॉयलेट रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल होगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में EVM और VVPAT को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। आयोग के मुताबिक 5 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में 1.20 लाख से ज्यादा लोगों ने डेमो कैंप में हिस्सा लिया। 1.16 लाख से ज्यादा लोगों ने मॉक वोट डाले। 10 फरवरी तक 29 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन लोकेशन मोबाइल डेमो वैन से कवर किए जा चुके हैं। यह अभियान EVM डेमो सेंटर और मोबाइल वैन के जरिए चलाया जा रहा है। ——–

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *