पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) इसी महीने समाप्त होने वाला है। इससे पहले ही पंजाब सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई है। सरकार की ओर से याचिका दायर कर दलील दी गई है कि NSA की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। इस मामले पर गुरुवार दोपहर बाद सुनवाई हो सकती है, क्योंकि सरकार ने अदालत के समक्ष यह मांग रखी है। याचिका में रखी है यह दलील सरकार के वकील ने याचिका में कहा कि अमृतपाल सिंह की NSA के तहत हिरासत की अवधि 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। खुफिया जानकारी और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि वह उसे पंजाब नहीं लाना चाहती। पंजाब सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिख चुकी है पत्र सरकार चाहती है कि उसे असम में ही हिरासत में रखा जाए और मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए। इससे पहले इसी तरह का एक पत्र पंजाब सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिख चुकी है। उसमें सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि असम सरकार की सहमति लेकर ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952 तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में रखने की अनुमति दी जाए। इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की भी अपील की गई है। याचिका में यह तर्क दिया सरकार ने यह भी कहा है कि अमृतपाल सिंह की यह तीसरी NSA नजरबंदी है, जो 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। ऐसे में आशंका है कि यदि उसे इसके बाद पंजाब वापस लाया गया, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। सरकार ने अपील की है कि NSA की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस उसे असम में ही गिरफ्तार करे और बाद में उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। जब से वह सांसद बना है, तब से संसद की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाया है। लंबे संघर्ष के बाद उसने संसद बनने की शपथ ली थी।