बरनाला के महल कलां में बिजली कर्मचारियों ने जॉइंट फोरम पंजाब और एकता मंच पंजाब के आह्वान पर गेट रैली आयोजित की। इस दौरान उन्होंने सरकार का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। गेट रैली को संबोधित करते हुए टेक्निकल सर्विसेज़ यूनियन सर्कल बरनाला के असिस्टेंट सेक्रेटरी परगट सिंह मोहिल और यूथ लीडर अमरिंदर सिंह बालिंग ने बताया कि चंडीगढ़ में बिजली मंत्री से हुई बैठक में मांगों को लागू करने पर कोई सहमति नहीं बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों के प्रति अड़ियल रवैया अपनाया जा रहा। इसी के विरोध में आज पूरे पंजाब में ‘राख जलाने’ का फैसला लागू किया गया है। इस अवसर पर टेक्निकल सर्विसेज़ यूनियन सर्कल बरनाला के सेक्रेटरी कुलवीर सिंह औलख, गुरप्रीत सिंह छीनीवाल कलां, किरणजीत सिंह संघेरा और गगनदीप सिंह ने कहा कि वे पावरकॉम को लोगों द्वारा बिजली बोर्ड को दान की गई ज़मीनों को किसी भी कीमत पर बेचने नहीं देंगे। मांगों को टालने का लगाया आरोप नेताओं ने यह भी घोषणा की कि बिजली कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लागू करवाने के लिए अपना संघर्ष और तेज करेंगे। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से कर्मचारियों की मांगों को मानने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है और कोर्ट की मदद से इन मांगों को टाला जा रहा है। ‘आर-पार की लड़ाई’ के लिए तैयार रहने का आह्वान गेट रैली के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की और उन्हें ‘आर-पार की लड़ाई’ के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया। इस प्रदर्शन में इंजीनियर बिक्रमजीत सिंह मोहिल, जसविंदर सिंह चन्ननवाल, ललित कुमार और मनमोहित सिंह धालीवाल सहित कई अन्य बिजली कर्मचारी उपस्थित थे। अंत में, सुखविंदर सिंह चूहांके कलां ने रैली में शामिल कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया और उनसे आगामी संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की।