गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोल विभाग ने डीएलएफ फेस-4 इलाके में छापेमारी कर एक संदिग्ध इंजेक्शन से भरी गाड़ी को पकड़ा है। गाड़ी में वजन कम करने और डायबिटीज के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन भरे हुए थे। विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि एक कंपनी का कर्मचारी इन इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई कर रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी को रोक लिया और उसमें सवार हैंपर्ट कंपनी कर्मचारी मुज्जमिल को हिरासत में ले लिया। गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें हजारों इंजेक्शन बरामद हुए। बरामद किए गए इंजेक्शन की कीमत बाजार में 13 से 25 हजार रुपए प्रति डोज तक बताई गई है। यह इंजेक्शन दिल्ली के भागीरथ पैलेस मार्केट से यहां भेजे गए थे, जबकि इसकी बिलिंग गुरुग्राम के एड्रेस की गई है। इटली की कंपनी बनाती है इंजेक्शन बता दें कि, मौनजारो नामक इंजेक्शन मूल रूप से इटली की एक कंपनी द्वारा बनाया जाता है और शुगर के मरीजों के इलाज में काम आता है, लेकिन भारत में इसका गलत इस्तेमाल वजन घटाने के लिए भी किया जा रहा है। फिलहाल विभाग जांच कर रहा है कि इंजेक्शन की इतनी बड़ी खेप कहां से आई और इसमें कौन-कौन शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन का पता लगाकर पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी। मौके पर रोने लगा कर्मचारी ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारी और पुलिस ने जब छापा मारा, तो पहले कर्मचारी ने चुपचाप निकलने का प्रयास किया, लेकिन जब पुलिस ने उसे पकड़ लिया तो वह रोने लगा। कर्मचारी ने बताया कि इसमें उसका कोई कसूर नहीं है। वह सैलरी बेस्ट कर्मचारी है और कंपनी में सिर्फ नौकरी करता है। गुरुग्राम में माल की डिलीवरी करने वह आया था। असली या नकली की जांच कर रही टीम ड्रग इंस्पेक्टर अमनदीप चौहान ने बताया कि पकड़े गए कर्मचारी से प्रारंभिक पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इंजेक्शन की पैकिंग, क्वालिटी और असली-नकली की जांच कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि ये इंजेक्शन लाइसेंस्ड कंपनी से आए हैं या फिर नकली और बिना अनुमति के बाजार में सप्लाई किए जा रहे थे। मोटापा कम करने का इंजेक्शन अमनदीप चौहान ने बताया कि जब्त इंजेक्शन के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं, रिपोर्ट आने के बाद नकली दवा के सप्लायर और खरीदारों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। बरामद इंजेक्शन मुख्य रूप से मोटापा घटाने और डायबिटीज नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होते हैं। तेजी से बढ़ रही मांग ऐसे इंजेक्शनों की मांग हाल के दिनों में काफी बढ़ गई है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध तरीके से सप्लाई कर रहे हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग नकली दवाओं और अवैध सप्लाई चेन पर लगातार नजर रखे हुए है। दवाइयां सिर्फ लाइसेंसधारी केमिस्ट से बिल लेकर ही खरीदें और इंजेक्शन का बैच नंबर व पैकेजिंग जरूर चेक करें। कंपनी कर्मचारी पुलिस हिरासत में ड्रग कंट्रोल विभाग ने इस कर्मचारी को पुलिस को सौंप दिया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। अगर इंजेक्शन नकली या बिना लाइसेंस के पाए गए तो संबंधित कंपनी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।