कैथल जिले के गांव बाकल में निवासी 26 साल के सिमरनजीत सिंह की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। अब परिवार ने यह जानने के लिए कि हादसे में मृतक सिमरनजीत सिहं ही था या कोई और था, इसके लिए उसकी बचे हुए शरीर के अंगों का डीएनए टेस्ट करवाया है। हालांकि उसकी मौत की सूचना उस कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को दी थी, जिसमें वह काम करता था। परिवार के लोग अभी भी इस बात को नहीं मान रहे थे कि हादसा उनके बेटे के साथ हुआ है। परिजनों की मांग पर अमेरिका पुलिस ने ट्रक में जली अवस्था में मिले उसके शरीर के अंगों की डीएनए जांच कराई। अब परिवार के पास जब डीएनए रिपोर्ट आई तो उन्हें यकीन हुआ है कि हादसे में सिमरनजीत की ही मौत हुई है। 26 अप्रैल को भोग मृतक के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि परिवार के रीति रिवाज के अनुसार अब सिमरनजीत की आत्मिक शांति के लिए 26 अप्रैल को भोग कार्यक्रम किया जाएगा। संस्कार इत्यादी की प्रक्रिया वहीं कर दी गई है। गांव हाबड़ी के गुरुद्वारा साहब में गांव के लोगों द्वारा भोग लगाया जाएगा और अमेरिका में रह रही दो बहनें वहां पर भोग कार्यक्रम करेंगी। जानिए पूरा मामला बता दें कि सिमरनजीत सिंह की चार दिन पहले अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह ट्रक चलाता था और केमिकल से भरे ट्रक के साथ सड़क के एक ओर खड़ा था। अचानक पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे उसके ट्रक में भरे केमिकल में आग लग गई और वह जिंदा जल गया। बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया इंद्रपाल ने बताया कि सिमरनजीत बेहतर भविष्य की तलाश में हजारों किलोमीटर दूर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर आया था। वो खतरनाक ‘डंकी रूट’ के जरिए 6 महीने के अंदर विदेश पहुंचा था। कई देशों की कठिन यात्रा, जेल तक का सामना और संघर्ष भरी जिंदगी के बाद उसने ट्रक ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया, लेकिन सड़क हादसे ने उसके सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। हादसे में मौत के बाद सिमरनजीत की केवल जली हुई हडि्डयां मिलीं।