जालंधर के गोराया में मंगलवार (21 अप्रैल) को एक राजमिस्त्री ने जहरीली वस्तु निगलकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि काम के पैसे न मिलने और ठेकेदार व अन्य लोगों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने बेटे के बयानों के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मृतक की पहचान गांव इंदणां क्लसके के निवासी जसविंदर सिंह के रूप में हुई है। जसविंदर राजमिस्त्री का काम करते थे और उन्होंने गांव विरका में इकबाल मोहम्मद उर्फ बाली की कोठी का ठेका लिया था। परिजनों के अनुसार, कोठी मालिक और अन्य लोग उन पर काम जल्दी खत्म करने का भारी दबाव बना रहे थे। परिजनों के गंभीर आरोप बेटे गुरपाल सिंह ने बताया कि उसके पिता ने काम तो पूरा किया, लेकिन जब वे अपने हक के पैसे मांगते थे, तो उन्हें नहीं दिए जाते थे। इसके बजाय, उन्हें बार-बार फोन करके परेशान और जलील किया जा रहा था। इसी तनाव के चलते उन्होंने जहरीली वस्तु निगल ली। इलाज के दौरान तोड़ा दम घटना के बाद जसविंदर सिंह को तुरंत फगवाड़ा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और इलाज के दौरान आज सुबह उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उनके पास फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें प्रताड़ना के सबूत हैं। पुलिस की कार्रवाई डीएसपी फिल्लौर भारत मसीह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के बेटे के बयानों पर पुलिस ने फरीद मोहम्मद, प्रीतपाल सिंह (नंबरदार), हरजीत सिंह (पंचायत सदस्य) और इकबाल मोहम्मद के खिलाफ थाना गोराया में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। जानकारी मिली है कि इनमें से एक व्यक्ति विदेश भाग गया है। पुलिस रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।