मोतिहारी में फर्जी पुलिस गैंग का खुलासा, 5 अरेस्ट:वर्दी, लाठी-टोपी और नेम प्लेट करते थे इस्तेमाल,₹1,81,200 नकद; 3 फोर वीलर बरामद

मोतिहारी पुलिस ने एक फर्जी पुलिस गैंग का खुलासा करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने इनके पास से ₹1,81,200 नकद, “पुलिस” लिखा हुआ तीन चारपहिया वाहन, वर्दी, लाठी, टोपी, नेम प्लेट समेत पुलिस कार्य में इस्तेमाल होने वाले कई सामान बरामद किए हैं। सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे ने बताया कि मुफ्फसिल थाना में सबदर नामक व्यक्ति ने अपने अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। इसी दौरान सैफुद्दीन द्वारा मारपीट का एक और आवेदन दिया गया। दोनों मामलों की जांच प्रशिक्षु डीएसपी सह मुफ्फसिल थानाध्यक्ष कुमारी प्रियंका ने शुरू की, जिसमें फर्जी पुलिस गैंग का खुलासा हुआ। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… सबदर को हिरासत में लेकर पूछताछ, छापेमारी जांच के क्रम में पुलिस ने सबसे पहले सबदर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी आरिफ का नाम बताया, जिसके बाद छापेमारी कर आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया। आरिफ ने पूछताछ में एलबी राम उर्फ लालबाबू राम का नाम उजागर किया। पुलिस टीम ने उसके घर छापेमारी कर वर्दी, डंडा, टोपी, बोलेरो, बाइक और ₹25,000 नकद बरामद किया। गैंग का मास्टरमाइंड निकला बर्खास्त सिपाही एलबी राम पहले पुलिस में सिपाही था, जिसे 2022 में बर्खास्त कर दिया गया था। नौकरी जाने के बाद उसने फर्जी एसटीएफ टीम बनाई और दो सेवानिवृत्त होमगार्ड जवानों को इसमें शामिल कर लिया। इस तरह पाँच लोगों का गिरोह तैयार किया गया, जो पुलिस का डर दिखाकर लोगों से लूट और ठगी करता था। “एक का तीन” का लालच देकर करते थे ठगी पूछताछ में एलबी राम ने बताया कि गैंग का एक सदस्य सबदर लोगों को पैसे तीन गुना करने का लालच देता था। जब लोग पैसे लेकर आते थे, तो गैंग फर्जी छापेमारी कर रकम जब्त कर लेता था। इसके बाद पीड़ित को उठाकर उससे और पैसे लेकर छोड़ दिया जाता था। होमगार्ड जवानों को मिलते थे ₹1500 पर डे गिरफ्तार होमगार्ड जवान लालबाबू साह और राजेंद्र राय ने बताया कि उनकी मुलाकात एलबी राम से चुनाव ड्यूटी के दौरान हुई थी। सेवानिवृत्ति के बाद एलबी राम ने उन्हें फर्जी पुलिस टीम का हिस्सा बनाया और रेड में शामिल होने के लिए प्रतिदिन ₹1500 देने लगा। उसने खुद को फेनहारा में अपर थानाध्यक्ष बताकर उनका विश्वास जीत लिया। 2022 से चला रहा था खेल, कई जिलों में ठगी एलबी राम ने बताया कि नौकरी छूटने के बाद उसने इसी तरीके से पैसा कमाने की योजना बनाई। सिवान जाते समय कोटवा दीपक बाजार में उसकी मुलाकात आरिफ से हुई, जहां से इस गिरोह की शुरुआत हुई। इसके बाद गिरोह ने बिहार के कई जिलों में ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया। मोतिहारी के तीन मामलों में पहचान नगर थाना और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटनाओं में भी इस गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों से पहचान कराई गई, जिसमें उन्होंने आरोपियों की पहचान कर ली। छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी इस कार्रवाई में सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे, प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष कुमारी प्रियंका, अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, एसआई मो. शाहरुख, एसआई सुभाष कुमार, एसआई अजीत कुमार, एसआई रोहन कुमार, बलबीर कुमार, सोनू कुमार और बसंत कुमार शामिल रहे।

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