कुरुक्षेत्र NIT में जांच टीम फिर करेगी विजिट:पूर्व डायरेक्टर के कार्यकाल से जुड़ा मामला, कार्य और फैसले की खोली जाएगी फाइलें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम फिर से विजिट करेगी। यहां टीम के 2 दिन तक रुकने वाली है। मामला NIT के पूर्व डायरेक्ट प्रो. बीवी रमना रेड्डी के कार्यकाल से जुड़ा है। यह टीम तत्कालीन डायरेक्टर प्रो. रेड्‌डी के समय किए कार्य और फैसले की जांच करेगी। इस घटनाक्रम की शुरुआत 29 मार्च को हुई, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से NIT कुरुक्षेत्र के तत्कालीन निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी। इसके अगले ही दिन प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, जबकि प्रो. विनोद मित्तल को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। 7 अप्रैल से हुई शुरुआत इससे पहले 7 अप्रैल को टीम ने जांच के लिए NIT की विजिट की थी। पहली जांच में टीम ने कई फाइलें खंगाली थीं। इस बार जांच को अंतिम चरण माना जा रहा है। टीम इस बार और अधिक फाइलों की जांच करेगी और इसके बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिस पर आगे की कार्रवाई तय होगी। भर्ती, प्रमोशन से लेकर वेकेंट पोस्ट की जांच टीम NIT में हुई भर्ती, प्रमोशन, शिकायतें, रैंकिंग में आई गिरावट और वेकेंट पोस्ट काे लेकर जांच कर रही है। इसके अलावा पूर्व डायरेक्टर पर अपने होम स्टेट तेलंगाना से ज्यादा स्टाफ भर्ती का आरोप भी है। साथ ही उनके टाइम हुई सुसाइड मामले भी टीम खंगाल सकती है। हालांकि इसके लिए 5 मेंबरी कमेटी अलग से जांच कर रही है। NETF के अध्यक्ष कर रहे अगुआई इस टीम की अध्यक्षता राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम (NETF) के अध्यक्ष और AICTE के पूर्व चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे कर रहे हैं। उनके साथ VNIT नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष रिटायर्ड IAS एम. मदन गोपाल और MANIT भोपाल के निदेशक प्रो. केके शुक्ला बतौर मेंबर शामिल हैं। छात्रों के आरोप: कैंपस करवाया खाली इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्टूडेट्स ने NIT प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। आराेप लगाए कि टीम की दूसरी विजिट से पहले NIT प्रशासन ने अगले आदेश आने तक छुट्टियों का नोटिस जारी दिया। साथ ही माहौल खराब होने का हवाला देकर कैंपस भी खाली करवा लिया गया, ताकि टीम स्टूडेंट्स से बातचीत ना कर सके। स्टूडेंट्स के भले के लिए छुटि्टयां सुसाइड, सुसाइड अटेम्प्ट और डायरेक्टर के मामले को लेकर NIT में पहली बार छुटि्टयां घोषित की गई है। यह भी पहली बार हुआ कि हॉस्टल खाली करने के आदेश् दिए गए। हालांकि इस सबके पीछे NIT के कार्यकारी डायरेक्टर प्रो. ब्रह्मजीत सिंह ने माहौल और बच्चों के भले को देखते हुए छुट्टियां करने के आदेश जारी करने की बात कही।

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