यूपी में 40 साल से रह रहे एक पाकिस्तानी को बुलंदशहर से पकड़ा गया है। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिला है। वह पश्चिमी यूपी के कई शहरों में नाम बदल-बदलकर रहा था। पुलिस को आशंका है कि वह स्लीपर सेल एजेंट हो सकता है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया- शुक्रवार शाम आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आधार कार्ड में उसका नाम सैयद वासित अली पुत्र सैयद लईक अहमद, निवासी- 126 सुशीला विहार बुलंदशहर लिखा है। जब पड़ताल की गई तो उसके पासपोर्ट पर उसका असली नाम- बासिद इरशाद (55) पुत्र इरशाद अहमद, पता-मकान संख्या 26, ए-ब्लॉक 125-एफ, न्यू कराची, पाकिस्तान लिखा मिला। एसपी ने बताया कि बासिद को 2012 में मेरठ में पहचान छिपाकर अवैध रूप से रहने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, अब तक उसे डिपोर्ट क्यों नहीं किया गया? पुलिस से बचकर वह बुलंदशहर कैसे आया? इस बारे में जानकारी के लिए मेरठ पुलिस से भी संपर्क किया गया है। एसपी ने बताया- हमें सूचना मिली थी कि एक युवक पिछले कई साल से किराए के मकान में पहचान बदलकर रह रहा है। वह किसी अपराध को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद गुरुवार शाम को कोतवाली में चेकिंग शुरू की। इसी दौरान आरोपी पकड़ा गया। 45 साल पहले मां भारत आई थी बासिद इरशाद की मां बिलकिस फातिमा साल-1981 में भारत आई थी। वह अपने रिश्तेदार, जो बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र के गांव सेंठा में रहते थे, वहां आई थी। तब बासिद इरशाद की उम्र महज 5 साल की थी। उसका जन्म 1976 में हुआ था। मां ने गुलावठी में दूसरी शादी कर ली थी। इससे उन्हें लॉन्ग टर्म वीजा मिल गया था। बासिद ने भी लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन वह लंबित पड़ा रहा। 2012 में मां की मौत हो गई। और बासिद इरशाद का दूसरा पिता भी मर चुका है। बासिद इरशाद की शादी मेरठ से हुई है और उसके बच्चे भी हैं। वह यूपी में ही अलग-अलग ठिकानों पर रह रहा था। जांच में सामने आया कि इस समय बासिद गुलावठी में प्राइवेट नौकरी कर रहा था। इससे पहले उसने मेरठ में भी प्राइवेट नौकरी की थी। साल- 2012 में मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में विदेशी अधिनियम के तहत बासिद इरशाद पर मुकदमा दर्ज हुआ था। अब बुलंदशहर में उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बासिद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट खुलने पर सोमवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेगी। पुलिस जांच पूरी होने तक उसे जेल में रखेगी। बाद में विदेश मंत्रालय के माध्यम से इसे पाकिस्तान डिपोर्ट किया जाएगा। एसपी बोले- पूरे नेटवर्क की जांच होगी
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे रह रहा था। बरामद दस्तावेजों का विभिन्न विभागों से सत्यापन कराया गया। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि युवक किसी आतंकी संगठन की स्लीपर सेल से भी जुड़ा हो सकता है। इसकी भी जांच की जा रही है। —————————- ये खबर भी पढ़िए… बृजभूषण सिंह बोले- अब समझाने का वक्त नहीं, 2027 या 2029 के चुनाव में दिखा देंगे, अगर हम भार लगते हैं तो एक बार कह दो
‘आज सरकार की नजरों में हमारा कोई अस्तित्व नहीं है। हम अनुपयोगी लगते हैं। अगर किसी को ऐसा लगता है कि हम भार बन चुके हैं तो बस एक बार कह दो कि हमारी जरूरत नहीं। 2027 में कह दो। 2029 में कह दो। जब भी मन करे आकर कह दो। हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है या नहीं।’ चुनौती भरे लहजे में ये बातें कैसरगंज सीट से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को बिहार के भागलपुर में कहीं। यहां बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के दौरान बृजभूषण सिंह ने मंच से क्षत्रियों को राजनीति में नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया। पढ़ें पूरी खबर…