जयंत चौधरी मेरठ के ईकड़ी गांव पहुंचे। यहां पर कार्यकर्ताओं ने 5 बुलडोजरों पर खड़े होकर पुष्पवर्षा करते हुए जयंत चौधरी का स्वागत किया। वहीं जयंत चौधरी के साथ मंच साझा करने को लेकर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सचिन चौधरी को मंच पर जाने से रोका गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन और रालोद कार्यकर्ताओं में हाथापाई हो गई। बाद में उनको मंच पर जाने दिया गया। इस दौरान जयंत चौधरी ने कहा- अब सोच बदलने की जरूरत है। महिलाओं की भागीदारी बढ़े, इसी से देश आगे बढ़ेगा। आज मेरी जनसभा में भी महिलाओं की भारी भीड़ पहुंची है। महिलाओं की बराबर भागीदारी बनाकर देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। जनसभा से पहले केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी सरधना के सलावा में मेजर ध्यानचंद खेल विवि में पहुंचे। यहां उन्होंने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया और बैठक भी ली है। इस बैठक के बाद यहीं पर उनका लंच कराया गया। 4 तस्वीरें देखिए… बैठक सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस परिसर में आयोजित की गई। जहां मंत्री ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की गति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से खेल सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि खेल विश्वविद्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल में बदलाव भी चर्चा का विषय रहा, क्योंकि मंत्री ने पारंपरिक सलामी लेने की प्रक्रिया को छोड़ते हुए सीधे कार्य समीक्षा को प्राथमिकता दी। इससे यह संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है कि वह औपचारिकताओं से अधिक कार्य की प्रगति पर ध्यान दे रहे हैं। इससे पहले खेल विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय के कुलपतियों, बागपत सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। गठबंधन के बाद पहली जनसभा
भाजपा से गठबंधन के बाद राष्ट्रीय लोकदल के सुप्रीमो जयंत चौधरी की यह पहली ऐसी जनसभा है जिसे वह अकेले संबोधित करने पहुंच रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 2027 के चुनाव को लेकर इस जनसभा में क्या फैसला लिए जाते हैं इसके साथ-साथ क्या रूपरेखा तैयार की जाती है।