हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए विवाद के बाद सोमवार को क्रांतिमान पार्क में जननायक जनता पार्टी (JJP) की ओर से ‘छात्र हित महापंचायत’ की गई। इस महापंचायत में फैसला लिया गया कि 21 सदस्यीय कमेटी कमिश्नर और ADGP से मुलाकात कर अपनी बात रखेगी। साथ ही महापंचायत के द्वारा सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया। महापंचायत में मांग की गई कि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा सस्पेंड किए गए सभी छात्रों को तुरंत बहाल किया जाए। हिसार व कुरुक्षेत्र में छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए। यूनिवर्सिटी परिसर में सभी छात्र संगठनों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की गई। इसके अलावा, प्रदेश में शिक्षा शुल्क को नियंत्रित करने के लिए ‘फीस रेगुलेटरी बोर्ड’ के गठन, छात्रों के लिए एक्टिविटी सेंटर की स्थापना और मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठाई गई। वहीं, पुलिस और छात्रों के बीच हुए विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए SIT गठित करने की मांग भी रखी गई। महापंचायत की तस्वीरें… दिग्विजय बोले- क्या यूनिवर्सिटी RSS-ABVP के लिए जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने पंचायत में तीन सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 16 तारीख को गमले तोड़ने के मामले में छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए और रात 2 बजे दबिश देकर बर्बरता की गई। अगले दिन प्रदर्शन में शामिल सभी छात्रों को रेस्टीकेट कर दिया गया। क्या यूनिवर्सिटी केवल RSS, ABVP, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल या गीता जयंती जैसे कार्यक्रमों के लिए ही है? सांसद पप्पू यादव ने कहा- पूरा बिहार दुष्यंत के साथ पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हरियाणा की आवाज सदन में उठाई जाएगी। उन्होंने कहा, “अजय चौटाला मेरा सगा भाई है। अलग-अलग कोख से जन्म लिया है, यह बात अलग है। इस संघर्ष में पूरा बिहार और देश इस महापंचायत और दुष्यंत के साथ खड़ा है।” वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में RSS और BJP की विचारधारा का प्रचार किया जा रहा है। 15 अप्रैल को शुरू हुआ था विवाद विवाद 15 अप्रैल को GJU में हुए प्रदर्शन से शुरू हुआ। कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर दिग्विजय चौटाला की अध्यक्षता में जजपा ने वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान तोड़फोड़ के आरोप में दिग्विजय चौटाला समेत 8 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें से 6 नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि, उन्हें अगले दिन जमानत मिल गई। जजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला गिरफ्तारी देने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका सीआईए इंचार्ज पवन कुमार से विवाद हो गया। दुष्यंत ने आरोप लगाया कि पवन कुमार ने उनका काफिला रोककर धमकाया, जबकि पवन कुमार का कहना था कि दुष्यंत के काफिले में चल रही एस्कॉर्ट गाड़ी का ड्राइवर लापरवाही से वाहन चला रहा था, इसलिए उसे रोककर समझाया गया। उधर, मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार को क्लीन चिट दे दी गई है। महापंचायत के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग पढ़ें…