सस्पेंड DIG भुल्लर के 11 ठिकानों पर ED की दबिश:इनोवा की तलाशी में अहम कागजात मिले; पहले घर से मिला था ₹7 करोड़ कैश

भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर दबिश दी। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत भुल्लर और अन्य के मामले में सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस दौरान इनोवा कार से ईडी ने एक बैग और कागजी दस्तावेज बरामद किए हैं। ईडी द्वारा PMLA की धारा 17 के तहत कुल 11 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। इनमें चंडीगढ़ (2), लुधियाना (5), पटियाला (2), नाभा (1) और जालंधर (1) शामिल हैं। ये सभी ठिकाने आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी व्यक्तियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन सर्च का उद्देश्य अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना है। भारी मात्रा में कैश और कीमती सामान मिला इससे पहले सीबीआई की छापेमारी के दौरान भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित आवास व फार्महाउस से भारी मात्रा में कैश और कीमती सामान मिला। बरामदगी में लगभग ₹7.36 करोड़ के करीब कैश, 2.5 किलोग्राम सोना, चांदी के आभूषण (कीमत लगभग ₹2.32 करोड़), 26 लग्जरी घड़ियां (रोलेक्स और राडो जैसे ब्रांड) शामिल थे। इसके अलावा, उनके परिवार के नाम पर 50 से अधिक अचल संपत्तियों के दस्तावेज, मर्सिडीज और ऑडी जैसी लग्जरी कारें, चार हथियार व 108 विदेशी शराब की बोतलें भी बरामद हुई। दो दिन पहले मिली अनुमति दो दिन पहले (25 अप्रैल) चंडीगढ़ की एक विशेष अदालत ने सीबीआई को अज्ञात लोक सेवकों और बिचौलियों के खिलाफ एक नई प्रारंभिक जांच शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस नई जांच में पंजाब के कई अन्य वरिष्ठ आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों पर नजर है। जांच एजेंसी को एक डायरी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं, जो एक संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। जमानत याचिका खारिज हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (10 अप्रैल 2026) ने भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि कोर्ट ने उन्हें दो महीने बाद फिर से हाई कोर्ट जाने की छूट दी है। DIG भुल्लर रिश्वत मामले में गिरफ्तार बता दें कि, सीबीआई ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। उन्हें एक कबाड़ कारोबारी (आकाश बत्ता) से 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगने और 5 लाख रुपए लेने के मामले में रंगे हाथों पकड़ा गया था। कारोबारी का आरोप था कि भुल्लर उनके खिलाफ 2023 में दर्ज एक पुराने एफआईआर को ‘निपटाने’ और भविष्य में सुरक्षा देने के बदले मासिक ‘सेवा-पानी’ (रिश्वत) की मांग कर रहे थे। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। संपत्तियों की जांच सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद उनकी संपत्तियों की जांच सीबीआई द्वारा की गई। 29 अक्टूबर, 2025 को उन पर आय से अधिक संपत्ति का दूसरा मामला दर्ज किया। भुल्लर 17 अक्टूबर 2025 से चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल (मॉडल जेल) में न्यायिक हिरासत में हैं। समय-समय पर उनकी हिरासत अवधि कोर्ट द्वारा बढ़ाई गई है।

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