कुरुक्षेत्र में पैक्स-भर्ती घोटाला, रिश्तेदारों को नौकरी देने का आरोप:ग्रीवेंस मीटिंग में उठा मुद्दा, मंत्री राजेश नागर ने दिए FIR के आदेश

कुरुक्षेत्र जिले के गांव खरींडवा स्थित डीग पैक्स लिमिटेड में नियमों को ताक पर रखकर भर्तियां करने के आरोप लगे हैं। गांव यारा निवासी अमित कुमार की शिकायत पर ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सुनवाई हुई। जिसमें शुरुआती जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। मामले में हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। बैठक में 13 शिकायतों में से 7 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित 6 शिकायतों पर तुरंत जांच करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। शिकायतकर्ता अमित कुमार निवासी गांव यारा ने आरोप लगाया कि खरींडवा डीग पैक्स लिमिटेड में करीब दो-तीन महीने पहले पिछली तारीखों में फर्जी तरीके से भर्ती दिखाकर अपने सगे संबंधियों को क्लर्क, सेल्समैन और चपरासी जैसे पदों पर नियुक्त कर दिया गया। शिकायत में कहा गया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के बिना और नियमों का उल्लंघन करते हुए की गई। इन नियुक्तियों पर उठे सवाल शिकायकर्ता ने चार भर्तियों बैठक के सामने रखा जिनमें आरोप लगाया कि सुमित निवासी गांव छपरा प्रबंधक बलदेव सिंह का बेटा है। गुलशन कुमार निवासी गांव छपरा रामकुमार लिंक का भतीजा है। इसी प्रकार नितेश निवासी गांव जझेंडी सदींप लिंक का बेटा है और प्रिंस गांव डाडलू का रहने वाला है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन सभी को योग्यता या प्रक्रिया के बजाय रिश्तेदारी के आधार पर नौकरी दी गई है। अमित कुमार ने इन सभी नियुक्तियों को तुरंत रद्द करने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड करने और उनकी सैलरी रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ चार नियुक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में फैले भाई-भतीजावाद का उदाहरण है। एआर की रिपोर्ट में भी अनियमितता का जिक्र बैठक के दौरान सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समिति (एआर) ने अपनी रिपोर्ट में माना कि खरींडवा डीग पैक्स लिमिटेड में कुछ भर्तियां गलत तरीके से की गई हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंत्री राजेश नागर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की गहराई से जांच करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। 8 साल से सड़क न बनने पर जांच के आदेश बैठक में तंगौर गांव के सरपंच ने शिकायत रखी कि मुख्य बस अड्‌डे का रास्ता करीब आठ साल से खस्ताहाल पड़ा है, जिसमें थोड़ी सी बारिश में पानी जमा हो जाता है। इस संबंध में काफी शिकायतें की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। राज्यमंत्री राजेश नागर ने सरपंच व अन्य नागरिकों की शिकायत पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए कि बरसातों से पहले तंगोर गांव की तरफ जाने वाली 200 मीटर की सड़क को ऊंचा उठाकर पानी निकासी की समस्या से निजात दिलवाई जाए। इसके साथ ही पिछले 7-8 वर्षों से इसी सड़क का निर्माण ना करने के मामले में जांच की जाए। इस जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए। ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के दिए निर्देश इसी समस्या के दौरान भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी और कमेटी सदस्य रविंद्र सांगवान ने ठोल झांसा सड़क के निर्माण कार्य में देरी करने और घटिया सामग्री का प्रयोग करने के मामले में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से जवाब तलब किया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य मंत्री ने संबंधित एजेंसी को तुरंत प्रभाव से ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं एजेंसी की अर्नेस्ट मनी करीब दो करोड़ रुपए की राशि को नई सड़क का निर्माण करने में प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण किया जाए। 7 दिन के अंदर रिपोर्ट देने के दिए निर्देश राज्य मंत्री राजेश नागर ने लाडवा निवासी सोनू नारंग की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के दो इंस्पेक्टरों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में अभी तक भी प्रार्थी को संतोषजनक जवाब व न्याय नहीं मिल पाया है। आदेश दिए कि डीएफएससी इस मामले को गंभीरता से लें और आगामी 7 दिन के अंदर इसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपे।

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