7 करोड़ में बनिए अमिताभ बच्चन के पड़ोसी:बिग बी अयोध्या के निवासी या केवल इन्वेस्टर, जानिए उनकी तीनों प्रॉपर्टी का सच

‘अयोध्या का सरयू घाट आस्था और प्रगति का एक अनोखा संगम बन चुका है…। यहां आने लगे हैं करोड़ों लोग… दुनिया के कोने-कोने से। स्वागत है आपका… अयोध्या के इस स्वर्णिम काल में, जिसका मैं भी निवासी हूं…।’ एक वीडियो में अमिताभ बच्चन खुद को अयोध्या का निवासी बता रहे हैं। पिछले महीने खबर आई थी कि अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में तीसरी प्रॉपर्टी खरीद ली। इधर, अयोध्या में जहां अमिताभ बच्चन के प्लॉट हैं, उसके आसपास की जमीन बहुत महंगी हो गई है। लोग अमिताभ बच्चन का पड़ोसी बनने के लिए 10 लाख रुपए प्रीमियम चार्ज भी दे रहे हैं। अमिताभ बच्चन को अयोध्या का निवासी बताना, उनके पड़ोस में महंगे दामों पर प्लॉट बेचना… यह सब एक रियल एस्टेट कंपनी और अमिताभ बच्चन की कंपनी की स्ट्रैटजी है। अमिताभ बच्चन ने रियल एस्टेट कंपनी की ब्रांडिंग करते हुए यह वीडियो बनाया। कंपनी ने उन्हें पैसा न देकर अयोध्या में अपनी टाउनशिप में प्लॉट दे दिए। इसे ‘बार्टर सिस्टम’ कहा जाता है। यहां तक तो ठीक है, लेकिन इसके बाद कंपनी ने स्मार्ट ट्रिक अपनाई। उन्होंने अमिताभ को अयोध्या का निवासी बताते हुए उनके प्लॉट के आसपास के प्लॉट पर प्रीमियम चार्ज लिया। अयोध्या में अमिताभ बच्चन की प्रॉपर्टी का सच और पड़ोसी बनाने के दावे की हकीकत जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए, पूरा खुलासा… हम लखनऊ से 130 किमी दूर अयोध्या पहुंचे। यहां श्रीराम जन्मभूमि से 7 किमी दूर आजमगढ़ बायपास पर ‘द सरयू प्रोजेक्ट’ है। यहीं पर अमिताभ बच्चन के नाम पर 3 प्रॉपर्टी हैं। जब हम यहां पहुंचे तो कुछ जगह निर्माण चल रहा था। जगह-जगह अमिताभ बच्चन के होर्डिंग्स लगे हैं, जिस पर वे खुद का भरोसा दे रहे हैं। हम अमिताभ बच्चन का प्लॉट देखना चाहते थे, लेकिन गेट पर मौजूद गार्ड ने भीतर नहीं जाने दिया। बोला- किसी भी तरह की जानकारी के लिए सआदतगंज तिराहे पर कंपनी के ऑफिस में संपर्क करें। इसके बाद हम 17 किलोमीटर दूर सआदतगंज में कंपनी के ऑफिस पहुंचे। वहां के गार्ड ने बताया- सेल्स स्टाफ नहीं है। तभी कंपनी से जुड़ा कलाम नाम का व्यक्ति आया। उसने हमें मीटिंग हॉल में बैठाया और प्रोजेक्ट के बारे में बताया। हमें पता था कि टाउनशिप में मोटी पार्टी ही प्लॉट ले सकती हैं, क्योंकि यहां रेट हाई है। इसलिए हमने कलाम को बताया कि यूपी के रिटायर अफसर हैं, जो इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं। हम उनकी तरफ से आए हैं। इसके बाद कलाम ने हमें प्लॉट खरीदने का पूरा गणित समझाया। रिपोर्टर : अमिताभ बच्चन के पड़ोस में प्लॉट चाहिए, मिल जाएगा? कलाम : लेकिन, हमारी कंपनी में तो बहुत महंगा है। रिपोर्टर : कितना महंगा है? कलाम : 16,000 रुपए वर्गफीट है। रिपोर्टर : ये अमिताभ बच्चन के कारण महंगा है क्या? कलाम : हां… अमिताभ बच्चन के कारण भी और हमारी कंपनी के कारण भी। किसी को फोन लगाते हुए कलाम ने पूछा कि अमिताभ बच्चन ने जहां प्लॉट लिया है, उसके अगल-बगल में कहीं प्लॉट खाली है? लेआउट देखकर बताओ और प्लॉट साइज भी बताओ, क्लाइंट सामने बैठे हैं। ‘लास्ट समय में अमिताभ बच्चन यहां आएंगे’ कलाम : लीला होटल है, 5 एकड़ में बन रहा है, उसी के बगल में अमिताभ बच्चन की जमीन है। रिपोर्टर : बच्चन की तो 3 प्रॉपर्टी हैं न वहां? कलाम : 2 प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हुई है। रिपोर्टर : लेकिन अमिताभ बच्चन यहां कहां बसेंगे? कलाम : अरे, आएंगे। अयोध्या दर्शन करने तो आएंगे ही, लास्ट समय में वो यहीं आएंगे। (तभी कलाम के फोन पर कॉल आया, उससे बात करने के बाद कलाम हमसे कहता है) बच्चन के बगल में 5000 वर्गफीट का प्लॉट है। सवा 7 करोड़ रुपए लगेगा। 14,300 रुपए प्रति वर्गफीट के रेट पर मिलेगा। रिपोर्टर : देखिए, सौदा तो होगा पर आप ठीक से जानते होंगे कि अमिताभ बच्चन यहां आएंगे कि नहीं? कलाम : बताए न, आएंगे पर आखिरी के दिनों में। रिपोर्टर : तब तक आप लोग अमिताभ बच्चन के नाम पर बेचेंगे। कलाम : हां ब्रांड तो है ही, ब्राडिंग तो कर ही रहे हैं। अगर कंपनी का प्लॉट नहीं लेना हो तो बगल में दिलवा दें? रिपोर्टर : वहां क्या रेट होगा? कलाम : मिल जाएगा 2000 रुपए वर्गफीट। रिपोर्टर : बगल में 2000 रुपए और कंपनी के नाम पर 7 गुना ज्यादा? कलाम : कंपनी के नाम पर, वो तो ब्रांड एम्बेसडर है। रिपोर्टर : लेकिन नाम तो उनका भी बिक रहा है न? कलाम : दोनों का नाम बराबर है। अरे, यहां कई एक्टर ने जमीन ली है। कलाम ने हमें बताया कि प्रोजेक्ट से सटी किसानों की जमीन है। वह आप देख लीजिए। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के प्रधान को कॉल कर इसकी सूचना दे दी। अगले दिन हम फिर मौके पर पहुंचे। यहां ग्राम प्रधान शिवपूजन मिले। प्रधान ने हमको हाईवे से सटा 16 बिस्वा (21,600 वर्गफीट) का प्लॉट दिखाया। इस जमीन का पिछला हिस्सा अमिताभ बच्चन के प्लॉट से सटा है। कलाम ने इस जमीन की कीमत 2000 रुपए वर्गफीट बताई। प्रधान ने 2500 रुपए वर्गफीट कीमत बताई। यहीं पर होटल लीला का निर्माण चल रहा है। इसका क्षेत्रफल 5 एकड़ है। स्पॉट विजिट नहीं, मुंबई से प्लॉट की डील प्रधान से मिलने के बाद हम एक बार फिर कॉलोनी के गेट पर पहुंचे। गार्ड ने रोका और हमारा मोबाइल नंबर लेने के बाद इंतजार करने को कहा। एक घंटे इंतजार के बाद हमारी मुलाकात प्रोजेक्ट GM ओपी पांडेय से हुई। उन्होंने मुंबई की सेल्स हेड नमिता का नंबर दिया। नमिता को हमने अमिताभ बच्चन के बगल में प्लॉट लेने की बात कही। नमिता ने कहा- आपको जल्द कॉल करेंगे। अगले दिन मुंबई ऑफिस से संकेत मोरे का फोन आया। ये कंपनी के सीनियर सेल्स मैनेजर हैं। इन्होंने जूम मीटिंग अरेंज की। इसमें शिवम और प्रगति नवालकर कनेक्ट हुए। अब हमने अमिताभ के पास प्लॉट देने को लेकर इनसे डील की। ब्रांडिंग फंडा- अमिताभ से वीडियो बनवाकर प्लॉट दिए, उसी के दम पर बाकी प्लॉट महंगे बेच रहे शिवम : देखिए सर, बहुत ईमानदारी से बता रहा हूं, ज्यादातर सेलिब्रिटी जमीन ही लेते हैं। अमिताभ बच्चन जी का ऐसा था कि वो प्रयागराज से हैं। तो अयोध्या की ओर उनका झुकाव ज्यादा था। अलीबाग (मुंबई) में उनका रहने का कोई प्लान नहीं है, क्योंकि मुंबई में उनके पचासों घर हैं। लेकिन, अयोध्या में उनका झुकाव है। रिपोर्टर : आप लोगों ने अमिताभ को पहला प्लॉट ब्रांडिंग के नाम पर गिफ्ट किया है, क्या ये सही है? प्रगति : हां, सही है सर। रिपोर्टर : ये गिफ्ट, अमिताभ बच्चन को दिया या उनके पिता को? शिवम : देखिए, जो अमिताभ सर ने हमारे लिए ब्रांडिंग की है, उसमें उन्होंने 5 अलग-अलग वीडियो निकाले। हर जगह पर उनके होर्डिंग्स लगे हैं। एक तरीके से आप समझ सकते हैं कि बार्टर सिस्टम जरूर रहा। 40 करोड़ तो उन्होंने निवेश किया। लेकिन जो 5-5 हजार वर्गफीट के 2 प्लॉट लिए हैं, वो उन्होंने ब्रांडिंग किया है। उसकी जो कास्ट आई, वो 14–15 करोड़ रुपए है। उसके बदले में उन्होंने वो 2 यूनिट ले लीं। रिपोर्टर : ये बताइए, जो मुझे प्लॉट लेना है, वो कहां है? शिवम : वही मैं आपको दिखा रहा हूं। ये रेड बुक मार्क के ऊपर वाला प्लॉट है। ये 5 हजार वर्गफीट का प्लॉट है। ईस्ट फेसिंग है। अमिताभ बच्चन का जो बंगला बनेगा, उसके सामने ये प्लॉट है। अच्छी बात यह है कि ये अमिताभ बच्चन के प्लॉट से फेसिंग है, जो उपलब्ध है। ये मैनेजमेंट होल्ड इन्वेंटरी है। रिपोर्टर : इसका क्या रेट है? शिवम : इसका रेट 14,400 रुपए वर्गफीट है। इसकी कीमत 7 करोड़ 20 लाख रुपए होगी। इसी में सब कुछ है। यानी स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, इंफ्रा डेवलपमेंट चार्ज है। अगले दिन हमारे पास कंपनी से जुड़ीं सेल्स हेड कशिश ठक्कर का फोन आया। उन्होंने बेसिक जानकारी लेने के बाद डिटेल में बात करने के लिए समय लिया। तय समय पर हमारी कशिश से बात हुई। कशिश : अगर अमिताभ बच्चन के प्लॉट के पास आप प्लॉट लेंगे तो 10 लाख रुपए आपको प्रीमियम चार्ज देना होगा। बाकी प्रोजेक्ट के अंदर कहीं भी लेंगे तो 14,400 रुपए वर्गफीट ही पड़ेगा। रिपोर्टर : मतलब अमिताभ बच्चन के पास लेने पर 10 लाख रुपए उसमें और जुड़ेगा। कशिश : हां। अब समझिए, अमिताभ के नाम पर कितना महंगा बेचा जा रहा प्लॉट साफ है कि अमिताभ बच्चन और सेलिब्रिटी के नाम पर 5000 वर्गफीट का प्लॉट 4.84 करोड़ रुपए ज्यादा कीमत पर बेचा जा रहा है, जो 3 गुना है। इस मामले में जब हमने अमिताभ बच्चन की कंपनी ABCL के जिम्मेदारों से बात करके उनका पक्ष लेना चाहा तो मुंबई के उनके लैंडलाइन नंबर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। अयोध्या में 2 साल में 4 गुना तक बढ़े जमीन के रेट अयोध्या में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। तब जन्मभूमि मंदिर के मुख्य क्षेत्र में जमीन के रेट 614 रुपए वर्गफीट थे। अब ये बढ़कर 2524 रुपए वर्गफीट हो गए हैं। 5000 वर्गफीट का प्लॉट तब 30.70 लाख रुपए में आता था, जो अब 1.25 करोड़ रुपए का हो गया है। यानी रेट में 4 गुना बढ़ोतरी हुई है। ऐसे ही अयोध्या के रकाबगंज, देवकाली, अवध विहार के अवासीय क्षेत्रों में 200% दाम बढ़े। अयोध्या से सटे टहरा मांझा में भी दाम 3 गुना हुए हैं। सरकार ने अयोध्या में सर्किल रेट 8 साल से नहीं बढ़ाए थे। लेकिन, जब प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तो यहां जमीन की डिमांड बढ़ गई। इसके बाद सर्किल रेट हर साल बढ़ाए जा रहे हैं। अब जानिए कैसे तय होते हैं जमीन के रेट? सेलिब्रिटी नेबर चार्ज जैसा कुछ नहीं होता प्लॉट के रेट और प्रीमियम चार्ज को लेकर हमने लखनऊ हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रशांत सिंह अटल से बात की। जमीन के रेट तय करने से लेकर RERA (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के नियमों तक की जानकारी दी। कंपनी सभी नियमों का पालन कर रही- पांडेय अयोध्या में ‘द सरयू’ का काम देख रहे GM ओपी पांडेय ने बताया- कंपनी की अपने नॉर्म्स और कंडिशन होती हैं। उसी के हिसाब से जमीन खरीदी-बेची जा रही है। कंपनी सभी नियमों का पालन करके प्रोजेक्ट का विस्तार कर रही है। इसी नियम के तहत अमिताभ बच्चन और अन्य को प्रॉपर्टी बेची है। पॉवर ऑफ अटॉर्नी लेकर अमिताभ के नाम पर रजिस्ट्री कराई कंपनी के जगबीर सिंह ने बताया- पाॅवर ऑफ अटॉर्नी लेकर राजेश यादव ने ही अमिताभ बच्चन की कंपनी के लिए रजिस्ट्री कराई। अमिताभ बच्चन ने बार्टर सिस्टम से जमीन ली है या नहीं, हमें इसकी जानकारी नहीं है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… पराए मर्द के स्पर्म से बच्चा पैदा कर रहीं लड़कियां, कुंआरी और गोरी की कीमत ज्यादा, यूपी में खुफिया कैमरे पर कोख की सौदेबाजी किराए की कोख दिलाकर माता-पिता बनाने का सपना दिखाया जाता है। ये महिलाएं, पुरुष का सीमेन (वीर्य) अपने गर्भ में धारण करती हैं। फिर 4-5 महीने अपने घर में रहती हैं। जब पेट बढ़ने लगता है तो रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बचने के लिए गिरोह के बनाए सेंटर पर उनकी निगरानी में रहती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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