यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र आज यानी गुरुवार को शुरू होगा। इससे पहले सीएम योगी ने कहा- कांग्रेस-सपा के महिला विरोधी आचरण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए सत्र बुलाया गया है। ये देखकर हमें आश्चर्य होता है कि गिरगिट की तरह रंग कैसे बदल जाता है। ऐसा आचरण सपा का देखने को मिला है। योगी ने कहा- सपा के समय स्लोगन बन गया था- देख सपाई, बिटिया घबराई। इनके पास एक अवसर था अपने मुंह पर लगी हुई उस कालिख को मिटाने का। अगर ये नारी शक्ति वंधन अधिनियम के प्रस्तावित संशोधन में लोग सहयोग करते तो पाप धुल जाते, लेकिन इन्होंने वह अवसर भी खो दिया। दरअसल, विशेष सत्र में सरकार संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल गिरने को लेकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी। सरकार संदेश देने की कोशिश करेगी कि कांग्रेस-सपा ने महिला विरोधी नीतियों की वजह से बिल पास नहीं होने दिया। जबकि, विपक्ष बताने की कोशिश करेगा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है, लेकिन सरकार उसे लागू नहीं करना चाहती। दोनों सदनों की कार्यवाही वंदे मातरम् गीत के साथ सुबह 11 बजे शुरू होगी। इसके बाद छह अध्यादेश सदन के पटल पर रखे जाएंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे विधानमंडल के दोनों सदनों में पारित होने के बाद राज्यपाल की अनुमति से बने नए अधिनियमों की रिपोर्ट पेश करेंगे। संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना महिला सशक्तिकरण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे। इससे पहले, लोकसभा में 17 अप्रैल को बिल गिरने के तुरंत बाद भाजपा की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अगले दिन से ही भाजपा ने सपा-कांग्रेस को घेरने के लिए यूपी में बड़ा अभियान शुरू कर दिया। योगी और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा यादव ने प्रेस कॉन्फेंस की। मुख्यमंत्री आवास से महिलाओं की आक्रोश रैली निकाली। इसकी अगुवाई खुद सीएम ने की थी। यूपी विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही की पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-