हरियाणा के गुरुग्राम में बृहस्पतिवार की सुबह पैरोल पर आए पूर्व एनएसजी कंमाडो की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह पूर्व सरपंच की हत्या के मामले में जेल में बंद था और हाल ही में जेल से बाहर आया था। इस दौरान पूर्व सरपंच पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे और उसके एक साथी ने बीच बाजार इस वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी हथियार लहराता हुए वहां से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से एरिया में दहशत मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खून से लथपथ पड़े सुंदर फौजी को उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान सुंदर फौजी निवासी गांव कासन, थाना आइएमटी मानेसर, गुरुग्राम के रूप हुई है। वह अप्रैल 2018 में हुई बहादुर के पूर्व सरपंच की हत्या के केस में आरोपी था। सुबह सैर से लौटते वक्त वक्त मारी गोलियां पुलिस के मुताबिक, सुंदर फौजी सुबह सैर के लिए गया था। वापसी में वह चौहान बूट हाउस के बाहर बैठ गया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे दो युवक वहां आए और अचानक पिस्तौल निकाल कर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दस से 12 राउंड कम से कम फायर किए गए हैं। गोलियां लगते ही वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद दोनों आरोपी हवा में फायर करते हुए मौके से फरार हो गए है। इलाके में मची दहशत, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत अचानक हुई इस वारदात से एरिया में दहशत मच गई। आरोपियों के फरार हो जाने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व परिवार के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस और परिजनों ने घायल सुंदर फौजी को उठाकर अस्पताल भिजवाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…