हरियाणा के यमुनानगर टायर फैक्ट्री में लगी भीषण आग के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस अग्निकांड में आरोपी बनाए गए चार लोगों ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया है। दावा किया जा रहा है कि आग किसी साजिश का नतीजा नहीं, बल्कि फैक्ट्री के अंदर हुए जोरदार ब्लास्ट के बाद लगी थी। यह वीडियो फैक्ट्री के पास स्थित एक मदरसे के सीसीटीवी कैमरे का बताया गया है। वीडियो में उस वक्त का दृश्य कैद है, जब आधी रात करीब 3 बजे तेज ब्लास्ट की आवाज के साथ आग भड़क उठी। वीडियो में फैक्ट्री में ब्लास्ट होता दिखाई भी दे रहा है। आरोपी पक्ष का कहना है कि इस ब्लास्ट की आवाज करीब तीन किलोमीटर तक सुनी गई थी। इस ब्लास्ट के बाद पास के मदरसे की दीवारें तक हिल गईं। इससे दहशत में आए बच्चे जान बचाकर भागते दिखाई दे रहे है। फिलहाल, पुलिस ने इस वीडियो को भी अपनी जांच में शामिल कर लिया है। पता किया जा रहा है कि ब्लास्ट कैसे और किसमें हुआ। क्या इसके बाद ही आग लगी या आग लगने के बाद ब्लास्ट हुआ। उधर, टायर फैक्ट्री मालिक ने इस अग्निकांड में करीब 2.5 करोड़ रुपए का नुकसान होने की बात कही है। फैक्ट्री में धमाके बाद इस तरह भागे थे मदरसे के बच्चे, PHOTO… मदरसे में सो रहे बच्चों में मची गई अफरा-तफरी सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, 25-26 अप्रैल की मध्यरात्रि मुकारमपुर गांव स्थित खान इंडस्ट्रीज टायर फैक्ट्री में धमाके के वक्त मदरसे में 80 से ज्यादा बच्चे सो रहे थे। अचानक जोरदार ब्लास्ट की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई और वे घबराकर जान बचाने के लिए तुरंत बाहर की ओर भागते नजर आए। बाहर निकलते ही बच्चों ने देखा कि फैक्ट्री में भीषण आग लगी हुई है, जिसकी लपटें आसमान छू रही थीं और चारों तरफ काला धुआं फैल गया था। बच्चों को पूरी रात डर के साए में खुले में ही गुजारनी पड़ी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हालात बेहद भयावह थे। फैक्ट्री में आग लगने के वक्त के कुछ PHOTOS… अब जानिए टायर फैक्ट्री में आग लगने वाले दिन क्या हुआ था… आरोपी पक्ष ने जारी किया वीडियो, बोले- हमारा भी नुकसान हुआ वहीं, अब आरोपी पक्ष यानि गुरफान, उस्मान, मुनशाद और मुर्सलीन ने इस सीसीटीवी वीडियो के आधार पर खुद को निर्दोष बताया है। कहना है कि आग फैक्ट्री के अंदर हुए ब्लास्ट के कारण लगी। उनका दावा है कि अगर साजिश होती तो इस तरह का विस्फोट और अचानक आग फैलने का दृश्य सामने नहीं आता। इस आग की चपेट में उनकी जमीन में खड़े करीब 85 पॉपलर के पेड़ और लगभग 5 क्विंटल गेहूं जलकर नष्ट हो गए, जिससे उन्हें करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ। पास में स्थित एक मदरसा भी आग की चपेट में आ गया, जहां खिड़कियां, दरवाजे और हाल ही में लगाई गई सोलर प्लेटें जल गईं, जबकि बिल्डिंग में दरारें आने से करीब 5 लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। आरोपी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी वे फैक्ट्री के खिलाफ शिकायत करते हैं, तो मालिक और उसका भाई उन्हें जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। उनका कहना है कि 26 अप्रैल को थाना बुडिया में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा नंबर 82 भी बिना जांच के किया गया है। यह केवल दबाव बनाने के लिए दर्ज कराया गया है। उन्होंने मुआवजे के साथ-साथ डीसी और एसपी को शिकायत सौंपकर उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने और फैक्ट्री को बंद करने की मांग की है। पुलिस ने जांच में शामिल किया वीडियो उधर, बुडिया थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि फैक्ट्री मालिक की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फैक्ट्री में आग के दौरान हुए धमाके के कारणों की अभी जांच जारी है। फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। वीडियो को देखत हुए एक बार फिर टीम स्थल का दोबारा निरीक्षण करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आग रंजिश के तहत सुनियोजित तरीके से लगाई गई थी या यह एक हादसा था।