गयाजी में एक महिला सिपाही के प्रेम प्रसंग में दो अलग-अलग थानों के ड्राइवर के बीच गोलीबारी हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार की सुबह परैया थाना और कोतवाली थाने के ड्राइवर के बीच विवाद हुआ। विवाद बदने पर एक ड्राइवर ने फायरिंग कर दी। घायल की पहचान नीरज और आरोपी की पहचान गौतम के रूप में हुई है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कोइरीबारी के पास की बताई जा रही है। वारदात के बाद सिविल लाइन थाने की पुलिस ने आरोपी गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद घायल नीरज खुद बाइक चलाकर कोतवाली थाना पहुंचा, जहां से उसे इलाज के लिए पिलग्रिम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए ANMCH रेफर कर दिया गया। यहां नीरज का इलाज चल रहा है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला परैया थाना में कार्यरत प्राइवेट ड्राइवर गौतम और कोतवाली थाना के ड्राइवर नीरज के बीच लंबे समय से महिला सिपाही को लेकर तनाव चल रहा था। महिला सिपाही कोतवाली थाने में लिपिक के पद पर तैनात है। सूत्रों की मानें तो आरोपी गौतम ने पहले नीरज की गतिविधियों पर नजर रखी और फिर प्लानिंग के तहत तड़के देसी कट्टे से नीरज के सीने में गोली दाग दी। महिला सिपाही सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पितामहेश्वर के पास किराए के मकान में रह रही हा। शुक्रवार की देर रात कोतवाली पुलिस का ड्राइवर उसके कमरे पर पहुंचा। इस बात की सूचना किसी ने परैया थाने के प्राइवेट ड्राइवर को दी। इस बात की सूचना मिलते ही परैया पुलिस का प्राइवेट चालक परैया पितामहेश्वर महिला सिपाही के कमरे पर पहुंचा और कोतवाली पुलिस के चालक को गोली मार दी। महिला सिपाही कोतवाली से पहले परैया थाने में तैनात थी। गयाजी सिटी एसपी बोले- प्रथमदृष्टया प्रेम प्रसंग से जुड़ा है मामला वारदात के बाद नीरज ने कोतवाली थाना पहुंचकर पूरे वारदात की जानकारी दी। इसके बाद घटना की सूचना सीनियर अधिकारियों को दी गई। फिर आरोपी गौतम की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गई। गयाजी के सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लगता है। आरोपी गौतम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ये भी खंगाल रही है कि वारदात को पहले से बनाए गए प्लान के तहत अंजाम दिया गया है या फिर अचानक हुए विवाद का परिणाम है। आरोपी गौतम तक कैसे पहुंचा देसी कट्टा पुलिस इस बिंदू पर भी जांच पड़ताल कर रही है कि आखिर आरोपी गौतम के पास देसी कट्टा कहां से आया, उसने देसी कट्टा कहां से कितने रुपए में अरेंज किया? पुलिस अब हथियार के स्रोत के साथ-साथ, आरोपी की मंशा और महिला सिपाही की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच में जुट गई है।