पंजाब के मलेरकोटला में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह विरोध प्रदर्शन 1 मई को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विपक्ष के प्रति अपनाए गए कथित व्यवहार और टिप्पणियों के विरोध में किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि सदन के भीतर मुख्यमंत्री का रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ था। डिप्टी कमिश्नर के जरिए राज्यपाल को भेजा मांग पत्र जिला कांग्रेस मलेरकोटला की अध्यक्ष बीबा निशात अख्तर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कमिश्नर विराज एस तिड़के से मुलाकात की और राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि विधानसभा के भीतर हुई इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस्तीफे की मांग: “दुनियाभर में शर्मिंदा हुए पंजाबी” बीबा निशात अख्तर ने कड़े शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री के आचरण ने न केवल सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि दुनियाभर में बसे पंजाबियों को भी शर्मिंदा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इतने उच्च पद पर आसीन व्यक्ति को सदन की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विधानसभा स्पीकर पर भी आरोप लगाया कि विपक्ष की जांच की जायज मांग को खारिज करना लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और आगामी आंदोलन की चेतावनी इस विरोध प्रदर्शन में मोहम्मद अनवर महबूब, निर्मलजीत सिंह, अकरम लिबड़ा और कुलविंदर सिंह झुनेर सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया, तो पार्टी आने वाले समय में अपने संघर्ष को और तेज करेगी और राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।