खडूर साहिब से सांसद और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ लगाए गए दूसरे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि जिस दूसरे NSA आदेश को चुनौती दी गई थी, उसकी अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसके बाद लगाया गया तीसरा NSA भी खत्म हो चुका है। ऐसे में अब इस याचिका पर सुनवाई का कोई कानूनी आधार या व्यावहारिक महत्व नहीं बचता। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब संबंधित निरोधात्मक आदेश की अवधि समाप्त हो चुकी हो और परिस्थितियां बदल चुकी हों, तब पुराने आदेश को चुनौती देने वाली याचिका केवल अकादमिक बहस बनकर रह जाती है। इसी आधार पर अदालत ने अमृतपाल सिंह की लंबित याचिका को निरर्थक मानते हुए खारिज कर दिया। 2023 से डिब्रूगढ़ जेल में बंद गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह पर पहली बार मार्च 2023 में NSA लगाया गया था। इसके बाद अप्रैल 2023 में उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया था। उस दौरान पंजाब में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए अमृतपाल और उनके सहयोगियों पर सख्त कदम उठाए गए थे। पहले NSA की अवधि पूरी होने के बाद अप्रैल 2024 में पंजाब सरकार ने अमृतपाल सिंह पर दूसरा NSA लागू कर दिया था। इसी दूसरे निरोधात्मक आदेश को अमृतपाल सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि मामला लंबे समय तक अदालत में लंबित रहा। तीसरा NSA भी हो चुका खत्म इसी बीच अप्रैल 2025 में अमृतपाल सिंह पर तीसरी बार भी NSA लगा दिया गया था। तीसरे NSA को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन पिछले महीने अदालत ने उस याचिका को भी खारिज कर दिया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि तीसरे NSA की अवधि खत्म होने के बाद पंजाब सरकार ने अमृतपाल सिंह पर आगे NSA नहीं बढ़ाया। इसके बावजूद दूसरे NSA के खिलाफ उनकी पुरानी याचिका अदालत में चल रही थी। अब हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि जब दूसरा और तीसरा दोनों NSA खत्म हो चुके हैं, तो पुराने आदेश को चुनौती देने का अब कोई मतलब नहीं रह जाता।