नगर सुधार सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जगराओं में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर पंजाब सरकार को मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र में जनगणना प्रपत्रों से जातिसूचक शब्द हटाने और सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील की गई है। सभा के प्रधान अवतार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम के अवकाश पर होने के कारण तहसीलदार रेशम सिंह से मुलाकात की। मांग पत्र में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और लंबित महंगाई भत्ते (डीए) को जारी करने की मांगें प्रमुख थीं। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब सरकार द्वारा जनगणना प्रपत्र में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ा विरोध जताया। अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने मांग की कि ऐसे शब्दों को तत्काल हटाया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। सभा नेताओं ने इसे संविधान की भावना के खिलाफ और समाज के एक वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया तो शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है। उन्होंने जगराओं शहर में कूड़ा प्रबंधन की खराब स्थिति के लिए नगर कौंसिल की विफलता और राजनीतिक गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया। सभा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो पंजाब सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर कंवलजीत खन्ना, गुरमेल सिंह रूमी, अवतार सिंह गगड़ा, स्वर्ण सिंह हथूर, अशोक भंडारी, जसवंत सिंह कलेर, हरबंस लाल, इंद्रजीत सिंह धालीवाल, बलविंदर सिंह और मेजर सिंह छीना सहित कई सदस्य मौजूद थे।