हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को पानीपत में सड़क हादसे में घायल हो गए। जीटी रोड पर पंवार के काफिले में शामिल गाड़ियां आपस में टकरा गईं। पंवार की इनोवा कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। हादसे के तुरंत बाद उनके सुरक्षाकर्मियों और आसपास के लोगों ने मंत्री को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। हादसे की सूचना मिलते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, शहरी विधायक प्रमोद विज, DC वीरेंद्र दहिया, SP भूपेंद्र सिंह समेत भाजपा के कार्यकर्ता व अन्य लोग अस्पताल पहुंचे। कृष्ण लाल पंवार के पास नायब सैनी सरकार में पंचायत एवं विकास विभाग के अलावा, खान एवं भूविज्ञान विभाग की जिम्मेदारी है। वे हरियाणा में दूसरी बार मंत्री बने हैं। एक्सीडेंट से जुड़ी 3 तस्वीरें… चंडीगढ़ से पानीपत आ रहे थे पंवार मंत्री पंवार शुक्रवार को चंडीगढ़ से पानीपत लौट रहे थे। शाम 4 बजे से पहले जब उनका काफिला नेशनल हाईवे 44 पर टोल प्लाजा से पहले बाबरपुर ट्रैफिक थाना के करीब पहुंचा, तो मंत्री के काफिले के आगे चल रही एक दिल्ली नंबर की एक प्राइवेट गाड़ी अचानक CIA-1 वाले रोड पर मोड़ गई। पीछे से निर्धारित गति में आ रही मंत्री की गाड़ी से आगे चल रही पायलट गाड़ी उस गाड़ी में जा टकराई। इसके बाद एकाएक काफिले की सारी गाड़ियां पायलट गाड़ी के पीछे आपस में टकराती चली गईं। इस दौरान मंत्री की इनोवा गाड़ी भी हादसे का शिकार हुई। उनकी गाड़ी के सभी एयरबैग खुल गए, जिसके चलते मंत्री समेत अन्य लोग बच गए। हालांकि, हादसे में उन्हें चोटें जरूर आई हैं, जिसके बाद उन्हें दूसरी गाड़ी में तुरंत सरकारी अस्पताल लाया गया। वहां पर उनके सीटी स्कैन समेत अन्य जांच की गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया। दिसंबर में घुटने का ऑपरेशन हुआ 14 दिसंबर 2025 को कृष्ण लाल पंवार का मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में बाएं घुटने का ऑपरेशन हुआ था। उन्हें कई दिनों से चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन कराने का फैसला किया। ऑपरेशन से पहले पंवार सरकारी फॉर्च्युनर से यात्रा करते थे, लेकिन ऑपरेशन के बाद वे सरकारी इनोवा गाड़ी में यात्रा करने लगे। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का राजनीतिक सफर… 1991 में पहली बार इनेलो के टिकट पर विधायक बने कृष्ण लाल पंवार का राजनीतिक सफर काफी लंबा है। साल 1991 में इनेलो के टिकट पर असंध से विधायक चुने गए। इसके बाद 1996, 2000 और 2009 में भी इनेलो से विधायक रहे हैं। परिसीमन 2009 के बाद उन्होंने इसराना से इनेलो के टिकट पर चुना लड़ा और कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि को हराया था। 2014 में इनेलो छोड़कर भाजपा से चुनाव लड़ा और फिर कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि को हराया। खट्टर सरकार में परिवहन, आवास और जेल मंत्री रह चुके पंवार को पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर की सरकार में परिवहन, आवास, जेल मंत्री की जिम्मेदारी मिल चुकी है। 2019 में कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि से हार का सामना करना पड़ा। प्रदेश में एससी वर्ग से बड़ा चेहरा होने पर भाजपा ने राज्यसभा भेज दिया था। 2024 के चुनाव में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की तो भाजपा ने फिर से टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा। चुनाव लड़ने से पहले राज्यसभा सीट से इस्तीफा दिया 2024 में मंत्री बनने से पहले पंवार राज्यसभा सांसद थे। चुनाव लड़ने से पहले पंवार राज्यसभा सीट से इस्तीफा दिया। कृष्ण लाल पंवार ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर शपथ लेने से पहले इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि वह इसराना से विधायक चुने जाने के बाद हरियाणा में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। कृष्ण लाल पंवार के पास नायब सैनी सरकार में पंचायत एवं विकास विभाग के अलावा, खान एवं भूविज्ञान विभाग की जिम्मेदारी है। खट्टर को बताया था माई-बाप कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी हैं। हाल ही में उन्होंने इसका खुद खुलासा किया था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि मनोहर लाल जी मेरे माई-बाप हैं। उनके इस बयान को लेकर काफी चर्चा हुई थी।