पंजाब के जालंधर (BSF मुख्यालय) और अमृतसर (आर्मी कैंटोनमेंट) में हुए बम धमाकों पर आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि यह बहुत हृदयविदारक और चिंताजनक है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। लगभग 10 दिन पहले शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर बम/ग्रेनेड हमला हुआ था। पंजाब बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ा है। साहनी ने कहा कि अगर राज्य सरकार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करती, तो केंद्र सरकार को पंजाब के नागरिकों, गर्वित पंजाबियों और किसानों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति शासन जैसे वैकल्पिक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। चार साल 25 से अधिक विस्फोट आगे उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब 25 से अधिक ऐसे आतंकी विस्फोटों का सामना कर चुका है, जिनमें 22 मई का मोहाली RPG हमला और 2023 में स्वर्ण मंदिर हेरिटेज स्ट्रीट पर हुए तीन विस्फोट शामिल हैं। इसके बाद 2025 के मध्य नवंबर से मध्य दिसंबर तक पंजाब ने एक महीने के भीतर बम धमाकों की आठ घटनाएं देखीं। तरनतारन, गुरदासपुर, अमृतसर, मोहाली, बटाला और अन्य सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों को भी निशाना बनाया गया। जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के आवास पर ग्रेनेड हमला हुआ और अप्रैल में पंजाब भाजपा मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया।
गैंगस्टरों का आतंक अब आम पंजाब की सुरक्षा स्थिति बेहद चिंताजनक और अस्थिर होती जा रही है। फिरौती की कॉल, जबरन वसूली और गैंगस्टरों का आतंक आम बात है। NCRB के आंकड़ों मुताबिक, पंजाब में हर दिन औसतन 3 हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध के लगभग 15 मामले प्रतिदिन दर्ज किए जा रहे हैं।