अमृतसर के मेहता के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि पंजाब के सीएम भगवंत मान की शुक्राना यात्रा के दौरान लगाए गए ट्रैफिक प्रतिबंधों की वजह से उसकी गर्भवती पत्नी समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण उसका गर्भपात हो गया। यह घटना गुरुवार को अमृतसर में हुई। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में मेहता निवासी जुगराज सिंह ने बताया कि यह घटना मुख्यमंत्री की अमृतसर यात्रा के दौरान हुई। जुगराज सिंह के अनुसार, उनकी पत्नी को अचानक तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद वे तुरंत अपनी कार से गुरु अमर दास अस्पताल के लिए रवाना हुए। भगवंत मान की यात्रा के ट्रैफिक डायवर्जन पर बड़ा आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की “शुक्राना यात्रा” के कारण पुलिस ने कई सड़कें बंद कर दी थीं और ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ दिया था। इन ट्रैफिक प्रतिबंधों और डायवर्जन की वजह से उन्हें अस्पताल पहुंचने में लगभग 40 से 50 मिनट अतिरिक्त लग गए। जुगराज सिंह ने आगे बताया कि इस देरी के दौरान उनकी पत्नी गाड़ी में ही असहनीय दर्द से तड़पती रही। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी थी। अमृतपाल सिंह के माता-पिता ने शेयर किया वीडियो बतादे कि खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के माता-पिता ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसमें उन्होंने लिखा- बहुत ही दुखी मन से यह दुखद खबर साझा करनी पड़ रही है। वीर जुगराज सिंह रंधावा (मेहता), जो अकाली दल वारिस पंजाब दे के सहायक दफ्तर इंचार्ज हैं, उनके परिवार के साथ जो हुआ, उसे सुनकर हर संवेदनशील इंसान की रूह कांप जाएगी। वीर जुगराज सिंह अपनी गर्भवती पत्नी को इमरजेंसी हालत में अमृतसर के अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी VIP सुरक्षा और बंद रास्तों के कारण उन्हें रास्ता नहीं दिया गया और करीब 20 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ा। लगभग 50 मिनट तक वह महिला गाड़ी में तड़पती रही, लेकिन सिस्टम को उन पर तरस नहीं आया। नतीजतन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत (मिसकैरेज) हो गई। एक पिता अपनी आंखों के सामने अपनी पत्नी को तड़पता देखने के लिए मजबूर था। जिस ‘आम आदमी’ की सरकार के दावे किए जाते हैं, आज उसी व्यवस्था ने एक परिवार से उनकी खुशियां छीन लीं। वीर की आंखों से निकले आंसू और पूरा मामला सिस्टम के मुंह पर एक तमाचा है। ईश्वर परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दे।